| Jan 01, 1970 | Daily Report |
| RISING BHARAT | News Count (102303) | |
20801. एथनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 4,573 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना को मंजूरी
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को देश में एथनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये 4,573 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना को मंजूरी दे दी। सरकार ने पेट्रोल में मिलाने के लिए एथनॉल का उत्पादन करने वाली डिस्टिलरीज को सस्ता कर्ज उपलब्ध कराने के वास्ते इस योजना को मंजूरी दी है।
- इसका मकसद अधिशेष चीनी उत्पादन को खपाना और दूसरी तरफ कच्चे तेल के आयात में कमी लाना है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण को दोगुना कर 20 प्रतिशत करने का है।
- यह ब्याज सहायता नयी और मौजूदा शीरा या अनाज आधारित डिस्टिलरीज के विस्तार और चुकंदर, ज्वार और मोटे अनाज से एथनॉल का उत्पादन करने वाली इकाइयों को दी जाएगी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रधान ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पूर्व में 4,687 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना को मंजूरी दी गई थी। अब 4,573 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।’’ फिलहाल देश की शीरा आधारित एथनॉल उत्पादन क्षमता 426 करोड़ लीटर की है।
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20802. Video: हनी की खेती कर मुनाफा कमा रहे हैं वाराणसी के आत्मनिर्भर युवा, PM मोदी भी हैं मुरीद
- वाराणसी के मोहित और रोहित पारम्परिक खेती से इतर हनी की खेती कर लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं। यही नहीं ये आत्मनिर्भर युवा दूसरे किसानों को भी इसकी ट्रेनिंग दे रहे हैं।
- कम जमीन में कम मेहनत में मोटी कमाई कर काशी के इन दोनों युवाओं ने यह साबित कर दिया है की खेती को तकनीक और विज्ञान से जोड़ दिया जाए तो किसानों की आय दोगुनी हो सकती हैं।
- लॉकडाउन के बाद चंद रुपये से शुरू किया गया खेती का बिजनेस अब लाखों में पहुंच गया है। मिट्टी से मोती से बाद अब ये युवा मधुमक्खी पालन कर हनी की खेती कर रहे हैं।
20803. 98-year old chanawala facilitated in UP's Raebareli for being 'atmanirbhar'
- Prime Minister Narendra Modi's 'Atmanirbhar Bharat' clarion call struck a chord with Raebareli's Vijay Pal Singh.
- The 98-year-old sells chana or boiled chickpeas to earn his living since he does not want to be a burden on his children and to avoid becoming physically weak.
- The Uttar Pradesh government felicitated the man for his self-reliance at this age.
20804. Vocal For Local': This Uttarakhand Forest Officer Is Helping Locals Use Cow Dung To Make Sustainable Products.
- A Forest Range Officer in Uttarakhand is taking the call of 'Atmanirbhar Bharat' and 'Vocal For Local' to grassroots levels.
- Medhavi Keerti, supervising and managing the Bhadrigaad range, is uplifting the lives of the villagers particularly women by helping them manufacture and market home-made products.
- Fondly called 'Ranger Didi', Keerti has been instrumental in coming up with a first-of-its-kind program —the Dhatree ini tiative to train women in a variety of occupation and help them earn a dignified living.
20805. Siddharthnagar news: मशरूम की खेती से बने आत्मनिर्भर, अब दूसरों को दे रहे हैं रोजगार
- यूपी के सिद्धार्थनगर में राधेश्याम वर्मा बढ़नी चाफा बाजार में फोटोकॉपी की दुकान चलाते हैं। इसी आमदनी से उन्होंने किसी तरह अपने दो बेटों अनिल वर्मा (22) और तोताराम (20) को 12वीं तक पढ़ाया। आगे रोजगार का कोई विकल्प न होने के कारण बाहर भेजने की नौबत आ गई लेकिन कोरोना और लॉकडाउन ने इस पर विराम लगा दिया।
- छोटे बेटे तोताराम को मशरूम की खेती का विचार आया। उन्होंने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के औद्योगिक प्रयोग व प्रशिक्षण केंद्र बस्ती में मशरूम तैयार करने की 6 दिन की ट्रेनिंग ली। इसके बाद निजी भूमि पर 30 बाई 70 फुट में मशरूम की खेती के लिए प्लांट तैयार किया जिसमें लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च आया।
- हर महीने अबतक 40 हजार रुपये की कमाई हुई है। दोनों भाइयों ने चार स्थानीय युवकों को भी इस प्लांट पर नौकरी दे दी।
20806. स्वदेशी पिचकारी से करेंगे वार, हर्बल रंगों से मनाएंगे त्योहार
- शाहजहांपुर : बाजार में स्वदेशी पिचकारी व प्राकृतिक रंग की धूम है। महंगा होने के बावजूद लोग हर्बल रंग गुलाल खरीद रहे हैं।
- महंगाई के बावजूद लोग 30 से लेकर 50 रुपये प्रति दस ग्राम के भाव वाला रंग खरीदने के साथ हर्बल गुलाल ले रहे हैं।
- लोग स्वदेशी पिचकारी व हर्बल गुलाल को ज्यादा तवज्जों रहे हैं।
20807. Varanasi news : होली के लिए बच्चों ने बनाया स्पेशल गुलाल बम, सबको कर देगा रंगों से सराबोर
- वाराणसी के सक्षम इंग्लिश स्कूल में क्लास 6 में पढ़ने वाले दो होनहार छात्र अपेक्षा पटेल और लकी ने इसे तैयार किया है। युवा इनोवेटर श्याम चौरसिया की देख रेख में छात्रों ने इस 'गुलाल बम' को बनाया है। काशी के होनहारों के इस 'गुलाल बम' से होली को स्मार्ट तरीके से मनाया जा सकेगा।
- वाराणसी के दो छात्रों ने पीएम के आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित होकर होली में खास तरह का गुलाल बम तैयार किया है। इस डिवाइस के जरिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आप अपनों पर रंगों की बौछार कर सकते हैं।
- इस 'गुलाल बम' के दो पार्ट है। एक पार्ट ये गुलाल बम बॉक्स है जबकि दूसरा पार्ट रिमोर्ट कंट्रोल जिससे इसे ऑपरेट किया जाता है।
20808. मोती उपजाकर जीवन संवार रहा बगहा का युवक, PM के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को कर रहा साकार
- बिहार के बगहा के एक युवक नीतिल अब नौकरी छोड़ मोती (Pearl) उपजा कर अपना जीवन संवार रहा है. बगहा के डाइनमरवा गांव का नीतिल एक साल से मोती उत्पादन में जुटा है. मुम्बई, भोपाल और चेन्नई में बतौर मोती पालक के रूप में काम कर चुका नीतिल स्थानीय युवाओं को भी रोजगार दे रहा है.
- नीतिल ने बताया कि वह रोजगार की तलाश में बाहर गया और नौकरी करने लगा . नौकरी के दौरान सीप उत्पादन की बारीकियां समझने का मौका मिला.
- नीतिल ने बताया कि घर लौटकर उसने अपने पिता के साथ विमर्श के बाद उत्पादन शुरू कर दिया . आज वह बड़े पैमाने पर मोतियों का उत्पादन कर कर रहा हैं और उनके साथ उनका पूरा परिवार इस कारोबार में जुटा है. इस तरह से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार कर रहे हैं.
20809. ग्रेजुएट राजेश महिलाओं को बना रहे आत्मनिर्भर, जैविक खाद से करा रहे आमदनी Chatra
- रांची:चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड में महिलाएं जैविक खाद का उत्पादन कर आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। यहां के अति घोर नक्सल प्रभावित पंचायत बेंगोकला स्थित सहातु गांव के 25 वर्षीय युवक राजेश सिंह भोक्ता महिलाओं को जैविक खाद बनाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं।
- गांव की 60 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें जैविक खाद उत्पादित करने के साथ-साथ प्रयोग में लाने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। राजेश ने परमेश्वर आजीविका समूह बनाकर गांव में जैविक खाद बनाने का काम शुरू किया है।
- सफाई कर्मी महिलाएं सुबह सभी घरों से डोर टू डोर कचरा एकत्र कर कमपोस्ट में डालते हैं। जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए जैविक खाद, धनाजीवाक्रीत, द्रव्यजीवाकृत, निमासत्र निर्माण करने का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद गांव आकर समूह बनाकर महिलाओं को रोजगार मुहैया कराया।
20810. आत्मनिर्भर भारत : भारतीय बाजारों में चीन का राज होगा खत्म, अब देशी खिलौने करेंगे बच्चों का मनोरंजन
- भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत योजना पर अब जमीनी स्तर पर बारिकी से काम शुरू हो चुका है। यही नहीं अब खिलौनों के मामले में भी भारतीय बाजारों में चीन का एकछत्र राज भी खत्म होने वाला है।
- भारत सरकार ने आधुनिक खिलौनों को डिजाइन करने का कांट्रैक्ट सोनीपत की वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन को दिया है, जिस पर यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ने काम शुरू कर दिया है।
- राजीव गांधी एजूकेशन सीटी में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन के कुलपति डा. संजय गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत भारत सरकार ने यूनिवर्सिटी को खिलौनों का डिजाइन तैयार करने को कहा है, जिस पर काम कर दिया गया है। बहुत जल्द भारतीय बाजारों में देशी खिलौने चीन के खिलौनों को मात देते दिखेंगे।