| Jan 01, 1970 | Daily Report |
| RISING BHARAT | News Count (102271) | |
22641. IIT-M Develops Wrapping Material That Can Prevent Food Contamination & Plastic Waste
- 1. The material is both biodegradable and reduces bacterial colonies by 99.99 per cent when compared with an ordinary wrapper.
- 2. Earlier this week, the Indian Institute of Technology-Madras (IIT-M), announced the development of their Sustainable Antimicrobial Wrapping Material, which they believe will prevent packaged food contamination by bacteria as well as reduce plastic waste. This biodegradable food wrapper reportedly has an in-built antibacterial compound and is safe for consumption.
- 3. The wrapping material also degrades at various environmental conditions with the rate of degradation varying from 4 to 98 per cent in 21 days, adds Professor Doble.The wrapping material degraded rapidly in moist conditions when compared to dry ones. Hence, they believe, this wrapper can play a major role in plastic waste reduction.
- 4. At present, researchers are looking for funds to scale up the process and test their product with more food samples.
22642. केरल की इस कंपनी का कमाल, धूप से इडली बनाना हुआ संभव, जानिए कैसे!
- 1. सोलर सॉल्यूशंस में माहिर केरल के कोच्चि स्थित क्राफ्टवर्क सोलर नाम की कंपनी ने एक ऐसा मशीन तैयार किया है, जिसमें इडली और अन्य उबले हुए खाद्य पदार्थों को सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करते हुए बनाया जाता है। यह कंपनी पिछले दो दशकों से सोलर इंडस्ट्री में है और वॉटर हीटर, ड्रायर और फोटोवोल्टिक (PV) आदि जैसे सौर ऊर्जा से संचालित कई मशीनों को बना चुकी है।
- 2. क्राफ्टवर्क के प्रबंध निदेशक केएन अय्यर ने द बेटर इंडिया को बताया, “यह तिरुपति मंदिर में लगे स्टीम कुकिंग सिस्टम की तरह ही काम करता है और इसमें हमने बस सोलर कम्पोनेन्ट को छोटा किया है। इडली ओवन से जुड़े स्टीमर्स, पैराबोलिक रिफ्लेक्टर द्वारा संचालित होते हैं, जो भाप उत्पन्न करने के लिए एक छोटे से क्षेत्र में सूर्य की रोशनी को निर्देशित करते हैं। यह मशीन 130 डिग्री सेल्सियस के ताप तक पहुँच सकता है, और इससे तेल को भी गर्म किया जा सकता है।”
- 3. कंपनी ने अपने अनुसंधान और विकास के जरिए एक वर्ष में सौर-संचालित कुकर को विकसित किया है। इसके तहत उनका लक्ष्य स्कूल या कैंटीन जैसे कम आबादी वाले जगहों पर सौर ऊर्जा के जरिए खाना तैयार करने की आदत को बढ़ावा देना है।
22643. गाजर की सफाई के लिए मशीन से लेकर बैलगाड़ी के लिए ब्रेक तक बना चुके हैं संतोष
- 1. संतोष ने अपने इनोवेशन के लिए बेसिक तकनीक को समझा और लगभग 11 असफलताओं के बाद 12वीं बार में ‘कैरट क्लीनिंग मशीन’ बनाकर तैयार की।उनकी यह मशीन मात्र 15 मिनट में लगभग 1 क्विंटल गाजर आसानी से साफ़ कर सकती है। इसके लिए बिजली की भी ज़रूरत नहीं है, सिर्फ दो लोग इसे ऑपरेट कर सकते हैं। साथ ही, पानी की भी बचत इसमें होती है। संतोष के मुताबिक उन्होंने लगभग 2500 मशीन अब तक छोटे-बड़े किसानों को दी हैं। फ़िलहाल, वह अपनी जॉब कर रहे हैं लेकिन अगर उन्हें कोई ऑर्डर करता है तो वह अपने गाँव में ही एक मैकेनिक से मशीन बनवा कर उन्हें देते हैं।
- 2. संतोष को अपने इस इनोवेशन के लिए कई पुरस्कार मिले। उन्हें रतन टाटा द्वारा बेस्ट लीडर अवॉर्ड से भी नवाज़ा गया। यह संतोष और उनके परिवार के लिए किसी सपने से कम नहीं था। उनके माता-पिता ने कभी नहीं सोचा था कि वह अपने बेटे को टीवी पर रतन टाटा से अवॉर्ड लेते हुए देखेंगे!
- 3. कैरट क्लीनिंग मशीन के अलावा, संतोष ने बैलगाड़ी के लिए ब्रेक सिस्टम और गर्म पानी के लिए इको हॉट वाटर क्वाइल बनाई। अक्सर हम ब्रेक्स को किसी मोटर गाड़ी के साथ जोड़ते हैं। लेकिन संतोष ने बैलगाड़ी की समस्याओं पर काम किया।
22644. More than 162.73 crore COVID vaccine doses provided to States/UTs: Govt (
- more than 162 crore 73 lakh COVID vaccine doses have been provided to States and Union Territories so far
- more than 13 crore 83 lakh unutilized vaccine doses are still available with the States and UTs to be administered.
- As part of the Nationwide Vaccination Drive, the government has been supporting the States and Union Territories by providing them COVID vaccines free of cost.
22645. सीमैप किसान मेला: 21 से 31 जनवरी तक किसानों को मिलेंगी मेंथा की उन्नत किस्मों की जड़ें, ऑनलाइन करें आवेदन
- मेंथा या मेंथाॅल मिंट की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। अगर आप मेंथा की ज्यादा पैदावार और उत्पादन देने वाली किस्म की नर्सरी करना चाहते हैं तो सीमैप से 21 से 31 जनवरी के बीच प्लांटिंग मटेरियल मिल सकता है लेकिन कोविड के चलते पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
- किसानों को मेंथाल मिंट जैसी नगदी फसल का उपहार देने वाले वैज्ञानिक संस्थान केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप) में इस बार किसानों को सिम उन्नति किस्म की जड़ें (सकर्स) दी जाएंगी। कोविड के चलते सीमैप में 21 से 31 जनवरी तक रोजाना करीब 200 किसानों को ये पौध सामग्री दी जाएगी।
- लखनऊ स्थित केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) के मुताबिक भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक मेंथा का निर्यातक है। भारत में लगभग 3 लाख हेक्टेयर में मेंथा की खेती होती है और करीब सालाना 30 हजार मीट्रिक टन मेंथा ऑयल का उत्पादन होता है।
22646. Indian Railways: बिजली और बैटरी, दोनों से चलने वाला भारतीय रेलवे का अनोखा इंजन
- 1. कुछ समय पहले भारतीय रेलवे ने किसान रेल चलाई थी ताकि किसानों की आय दोगुनी करने की योजना में रेलवे भी अपना योगदान दे सके। इसके बाद, यात्रियों की सुविधा के लिए क्लोन ट्रेन चलाई गईं और अब पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए, रेलवे ने एक और मुकाम हासिल किया है।
- 2. दक्षिण रेलवे के चेन्नई डिवीज़न ने एक ऐसा इंजन/लोकोमोटिव बनाया है, जो बिजली और बैटरी, दोनों से चल सकता है। जी हाँ, इसका नाम है पसुमई लोकोमोटिव, जो कि एक बैटरी-कम-एसी ऑपरेटेड ट्रेन इंजन है। यह इलेक्ट्रिक और नॉन-इलेक्ट्रिक, दोनों सेक्शन में काम कर सकता है।
- 3. अच्छी बात यह है कि एक पुराने इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में ही बदलाव करके इसे बैटरी लगाकर ड्यूल मॉडल बनाया गया है। पहले इस लोकोमोटिव का इस्तेमाल चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन और बेसिन ब्रिज यार्ड के बीच में खाली कोचों की शंटिंग के लिए किया जाता था।
- 4. यह ग्रीन एनर्जी कांसेप्ट है। यह शायद पहली बार है कि किसी इंजन को बैटरी से चलने वाला बनाया गया है।
22647. आनंद महिन्द्रा हुए इस ऑटो ड्राइवर के मुरीद, बताया मैनेजमेंट प्रोफेसर; सीखने की जताई इच्छा
- अन्ना दुरई चेन्नई में बहुत मशहूर हैं। अन्ना क्लास 12 ड्रॉपआउट हैं लेकिन फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं। वह हुंडई (Hyundai), वोडाफोन (Vodafone), रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) और Danfoss and Gamesa जैसी कंपनियों के कमर्चारियों को मैनजमेंट के गुर सिखा चुके हैं।
- अन्ना दुरई के ऑटो में वाई-फाई है, टीवी है, एक छोटा-सा फ्रिज है। वह अपने ग्राहकों को ऑटो में मास्क, सैनेटाइजर, न्यूजपेपर, मैगजीन, स्नैक्स, बुक्स, स्वाइपिंग मशीन, लैपटॉप और टैबलेट भी उपलब्ध कराते हैं।
- उन्होंने बहुत बड़ी कंपनी में मैनेजमेंट के गुर सिखाये हैं
22648. मात्र 300 रुपए में बनी इस व्हीलचेयर से कहीं भी आ-जा सकते हैं दिव्यांग स्ट्रीट डॉग
- 1. राजस्थान के बीकानेर में रहने वाले लक्ष्मण मोदी पिछले कई वर्षों से समाज सेवा से जुड़े हुए हैं। ज़रुरतमंद बच्चों की शिक्षा से लेकर पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति वह काफी सजग हैं। इन दिनों वह एक व्हीलचेयर को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसे उन्होंने खासतौर पर एक कुत्ते के लिए बनाया है।
- 2. पर्यावरण और जीव-जंतु प्रेमी लक्ष्मण ने हाल ही में एक दिव्यांग कुत्ते के लिए सस्ती और आरामदायक व्हीलचेयर बनायी है जिससे यह कुत्ता कहीं भी आ-जा सकता है।
- 3. लक्ष्मण ने द बेटर इंडिया को बताया, “जिस स्ट्रीट डॉग के लिए मैंने यह व्हील चेयर बनाया है, कुछ समय पहले वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। मैं उसे तुरंत शहर के पशु अस्पताल लेकर गया। वहाँ उसकी जान तो बच गई लेकिन उसके पिछले दोनों पैर खराब हो गए।”
- 4. पीवीसी पाइप का बिज़नेस करने वाले लक्ष्मण हमेशा से ही स्ट्रीट डॉग्स के प्रति काफी संवेदनशील रहे हैं। उन्हें जब भी गली-मोहल्ले में कोई बेसहारा पशु दिखता है तो वह तुरंत उसकी मदद करते हैं। कई बार बीमार होने पर उन्होंने जानवरों को अस्पताल पहुँचाया है और कई स्ट्रीट डॉग्स को उनके घर में भी पनाह मिली है।
22649. 445 infra projects show cost overrun of Rs 4.4 lakh cr
- 445 infrastructure projects, each entailing investment of Rs 150 crore or more, have been hit by cost overruns totalling more than Rs 4.4 lakh crore.
- Total original cost of implementation of the 1,673 projects was Rs 22,23,791.78 crore and their anticipated completion cost is likely to be Rs 26,64,649.18 crore, which reflects overall cost overruns of Rs 4,40,857.40 crore (19.82% of original cost).
- the expenditure incurred on these projects till December 2021 is Rs 13,08,766.65 crore, which is 49.12 per cent of the anticipated cost of the projects.
Click here to find 1469 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Bharat Economic Growth
22650. Varanasi fast emerging as an agri export hub
- APEDA in collaboration with Uttar Pradesh Mandi Parishad is setting up a pack house and irradiation centre which is mandatory for mango exports to the United States at Mathura which would further boost exports from Uttar Pradesh.
- Varanasi, which is the gateway to Poovanchal region consisting of 17 districts, is fast becoming a buzzing hub for exports of agricultural and processed food products.
- More than 20,000 tonne of cereals, fruits and vegetables sourced from the farmers in several districts including Varanasi, Mirzapur, Prayagraj and Gorakhpur have been exported to Nepal, Bangladesh, the United Arab Emirates, Bahrain, Qatar, Saudi Arabia, the United Kingdom and Australia in the last six months.
Click here to find 860 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports