| Jan 01, 1970 | Daily Report |
| RISING BHARAT | News Count (101996) | |
23161. अप्रैल-अगस्त की अवधि में इलायची का निर्यात इतने करोड़ हुआ
- अप्रैल से अगस्त 2020 की अवधि में भारत से मिर्च, जीरा और हल्दी, मसाला निर्यात के बड़े लदान ने 10,001.61 करोड़ रुपये का स्तर छू लिया, जो पिछले साल की समान अवधि में 8,858.06 करोड़ रुपये से 15 प्रतिशत की वृद्धि थी।
- एक विज्ञप्ति में कहा गया कि अप्रैल-अगस्त 2019 में मसालों के कुल निर्यात 4,94,120 टन की तुलना में अप्रैल-अगस्त 2020 के दौरान मसालों का कुल निर्यात बढ़कर 5,70,000 टन हो गया।
- कुल निर्यात में योगदान दिया, मूल्य में 298 प्रतिशत और मात्रा में 225 प्रतिशत की वृद्धि हुई। चालू वर्ष के दौरान, 2200.50 करोड़ रुपये मूल्य की 1300 टन छोटी इलायची का निर्यात किया गया है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 400 टन का मूल्य 55.69 करोड़ रुपये था।
Click here to find 859 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
23162. पैसेंजर वीकल्स की बिक्री 14 फीसदी बढ़ी, दोपहिया वाहनों के निर्यात में 25 फीसदी तेजी
- भारत अक्टूबर में पैसेंजर वीकल्स की थोक बिक्री 14 प्रतिशत बढ़कर 310,294 यूनिट रही दोपहिया वाहनों की बिक्री 16.88 प्रतिशत बढ़कर 20,53,814 इकाई हो गई
- तिपहिया वाहनों की बिक्री 60.91 प्रतिशत घटकर 26,187 इकाई रह गई
- अक्टूबर में दोपहिया वाहनों का निर्यात 25.64 फीसदी बढ़कर 371013 यूनिट रहा
Click here to find 859 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
23163. कोरोना काल में भी तेजी से बढ़ा भारत से कृषि उत्पादों का निर्यात
- भारत इस बार दुनिया को यह बताने में सक्षम रहा है कि बग़ैर किसी प्रकार की परेशानी के वैश्विक सप्लाई चैन को पकड़ते हुए भारत विश्व के अन्य देशों को उम्दा गुणवत्ता के कृषि उत्पाद बहुत ही उचित मूल्य पर सप्लाई कर सकता है।
- अप्रैल-सितम्बर 2019 के बीच 6 माह के दौरान भारत से कृषि उत्पादों का निर्यात 37397 करोड़ रुपए का रहा था जो अप्रैल-सितम्बर 2020 के बीच 6 माह के दौरान 43.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए बढ़कर 53626 करोड़ रुपए का हो गया है।
- वृद्धि दर में यह एक लम्बी छलाँग है। कृषि उत्पादों के निर्यात में विशेष रूप से शामिल रहे उत्पादों में मूँगफली में क़रीब 35 प्रतिशत, चीनी में 104 प्रतिशत, गेहूँ में 206 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और बासमती तथा ग़ैर बासमती चावल का भी निर्यात में बड़ा हिस्सा रहा है।
Click here to find 859 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
23164. यूरोप से मांग बढ़ने से नवंबर में सोया खली निर्यात ढाई गुना बढ़ा
- यूरोपीय मांग में उछाल के चलते नवंबर में भारत का सोया खली निर्यात ढाई गुना बढ़कर दो लाख टन पर पहुंच गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 82,000 टन था.
- प्रसंस्करणकर्ताओं के इंदौर स्थित संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नवंबर में फ्रांस और बेल्जियम भारतीय सोया खली के प्रमुख आयातक रहे.
- अधिकारी ने बताया कि मौजूदा तेल विपणन वर्ष (अक्टूबर 2020-सितंबर 2021) के शुरूआती दो महीनों में भारत का सोया खली निर्यात दोगुना से से ज्यादा बढ़कर 3.25 लाख टन रहा. पिछले साल अक्टूबर से नवंबर के बीच देश से 1.46 लाख टन सोयाखली का निर्यात किया गया था.
Click here to find 859 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
23165. वर्ष 2027 तक भारत से हर साल 10 अरब डॉलर का निर्यात करेगी यह बहुराष्ट्रीय कंपनी
- भारत को वैश्विक बाजारों के लिए मैन्यूफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनी वालमार्ट ने एक बड़ी घोषणा की है कंपनी ने कहा है कि वह यहां से होने वाले अपने निर्यात को अगले सात साल में तीन गुना तक बढ़ाएगी
- इसी के साथ वालमार्ट ने वर्ष 2027 तक भारत से होने वाले अपने निर्यात को 10 अरब डालर सालाना तक पहुंचाने का फैसला किया है घरेलू बाजार से ही उत्पादों की सोर्सिंग करेगी कंपनी
- वॉलमार्ट का कहना है कि वह पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से भारतीय उत्पादों से उत्पादों की सोर्सिंग (Sourcing of Goods) कर रही है। कंपनी की इस नीति से स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को अपने ऑपरेशन को अपग्रेड करने, अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने, नई उत्पाद लाइनों को विकसित करने और पैकेजिंग, मार्केटिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट में नई क्षमताओं का निर्माण करने में सहायता मिली है।
Click here to find 859 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
23166. Auto component industry records highest-ever export to ₹39,003 crore in first half of 2020-21
- Overall turnover of the industry stood at ₹1.19-lakh crore for April to September 2020
- The Automotive Component Manufacturers Association of India (ACMA) on Wednesday said that for the first time ever, the industry witnessed a trade surplus with auto component exports at ₹39,003 crore ($5.2 billion) and imports at ₹37,710 crore ($5 billion).
- both exports and imports declined by 23.6 per cent and 32.7 per cent, respectively, during the first half of this year. In its ‘Industry Performance Review’ for the first half of fiscal 2020-21, ACMA said that the exports of auto components declined from ₹51,028 crore ($7.4 billion) in first half of 2019-20.
Click here to find 859 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
23167. Govt approves Rs 3,500 crore subsidy to sugar mills for export of 60 lakh tonnes
- Union minister Prakash Javadekar said both sugar industry & sugarcane farmers are in crisis because of high domestic production and subsidy amount will be directly given to farmers.
- The minister said both “sugar industry as well as sugarcane farmers are in crisis” because of high domestic production at 310 lakh tonnes as against the annual demand of 260 lakh tonnes.
- Briefing media after the meeting, Information and Broadcasting Minister Prakash Javadekar said the Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA) has approved a subsidy of Rs 3,500 crore on exports of 60 lakh tonnes of sweetener and the subsidy amount will directly be given to farmers.
Click here to find 859 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
23168. अमेरिका तक बिखरा भारतीय हल्दी का रंग, वैश्विक उत्पादन में 80 फीसदी योगदान
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायत राज तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मेघालय के मुख्यमंत्री कानराड के. संगमा ने एक कार्यक्रम में मेघालय की प्रसिद्ध 'लकडोंग' हल्दी को अमेरिका में लांच किया.
- अमेरिका की एक कंपनी ने भारत के पूर्वोत्तर प्रांत मेघालय में उगाई जाने वाली हल्दी की खास वेरायटी 'लकडोंग' से न्यूट्रास्यूटिकल्स बनाने के लिए एक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के साथ समझौता किया है.
- , भारत, हल्दी का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है जो वैश्विक उत्पादन में 80 फीसदी से अधिक का योगदान देता है. वर्ष 2019-20 के अनुमान के मुताबिक, भारत ने 2.50 लाख हेक्टेयर के अनुमानित क्षेत्र से 9.40 लाख टन हल्दी का उत्पादन किया
Click here to find 859 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
23169. Bangladesh to finalise first bilateral rice deal with India in three years
- India, the world's biggest rice exporter, is offering a steep discount to supplies from rivals Thailand and Vietnam to cut its surplus
- Bangladesh, the world's third-biggest rice producer with an output of almost 35 million tonnes a year, relies on imports from time to time to cope with shortages
- Bangladesh is finalising a purchase of 150,000 tonnes of rice from India's NAFED, the New Delhi-based state agency told Reuters, in what would be the first such bilateral deal in three years after floods in Bangladesh sent local prices to a record high.
Click here to find 859 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
23170. पैशन को बनाया आय का साधन, आज पेंटिंग्स के दम पर 10 लाख रुपये कमा रहा है किसान का बेटा
- एक किसान का बेटा आज अपने पैशन के दम पर हर साल लाखों रुपये की कमाई कर रहा है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर से आने वाले युवराज पाटिल का मन हमेशा से पेंटिंग में लगता था, हालांकि उन्हें अपने इस कौशल के जरिये पैसे कैसे कमाने हैं ये समझने में उन्हें समय लग गया।
- साल 2007 में उनकी एक स्नातक कलाकृति को आर्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा चुना गया और बाद में उसे 25 हज़ार रुपये में बेचा गया। युवराज के अनुसार जब उनकी आर्ट इतनी ऊंची कीमत पर बिकी तो इसने उनकाआत्मविश्वास बढ़ाया।
- मालूम हो कि युवराज ने 200 से अधिक पेंटिंग बनाई हैं और उनके द्वारा बनाई गई आर्ट को दुबई में दिखाया गया है और इसी के साथ उन्हें दुनिया भर में बेंचा गया है। गौरतलब है कि युवराज ने कैमलिन आर्ट फाउंडेशन, गुलबर्ग अकादमी पुरस्कार और आईसीएसी आर्ट गैलरी सहित कई अन्य कला संस्थानों से भी कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं।
- पेंटिंग्स के जरिये वे हर साल करीब 10 लाख रुपये की कमाई कर लेते हैं। साल 2007 के बाद से लगातार तेजी से आगे बढ़ते हुए सफलता के शिखर को छूने वाले युवराज के लिए इस यात्रा में उनकी अथक मेहनत का सबसे बड़ा हाथ है।