| Jan 01, 1970 | Daily Report |
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21291. नींद पर फोकस:व्हाइट विलो ने देश-विदेश में बेचा 2.5 लाख तकिया, अच्छी नींद के लिए रिसर्च के साथ होता है तकिया का निर्माण, तीन लोगों की टीम ने खड़ी की कंपनी
Innovation and startups, ISRO/Defense/Water infrastructure/EV and other sectors
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Startups in Bharat
Hindi
India
Dainik Bhaskar
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- व्हाइट विलो ने भारत और विदेशों के ग्राहकों को 2.5 लाख तकिया बेचा है। यह ऐसा तकिया है जो लोगों के नींद संबंधित स्वास्थ्य में तेजी से योगदान दे रहा है।
- 2015 में लॉन्च किया गया बूटस्ट्रैप्ड स्टार्टअप अब एक तेजी से बढ़ता हुआ बिजनेस है।
- अपने 5 वर्षों के छोटे से समय में व्हाइट विलो ने भारत और विदेशों में ग्राहकों को 2.5 लाख तकिया बेचे हैं। यह तेजी से ग्राहकों की नींद और स्वास्थ्य में योगदान दे रहा है।
21292. आईआईटी दिल्ली का इनोवेशन:10 मिनट में मास्क से 99 फीसदी वायरस खत्म करेगी डिवाइस Chakr DeCoV, मास्क को दोबारा इस्तेमाल लायक बनाएगी
Innovation and startups, ISRO/Defense/Water infrastructure/EV and other sectors
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Startups in Bharat
English
India
Dainik Bhaskar
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- आईआईटी दिल्ली ने ऐसी डिवाइस तैयार की है जिससे 10 मिनट में मास्क को दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाया जा सकेगा। शोधकर्ताओं ने इसका नाम Chakr DeCoV रखा है।
- इसे आईआईटी के स्टार्टअप चक्र इनोवेशन ने तैयार किया है और (ICMR) से अप्रूवल मिल चुका है।
- इस डिवाइस एन-95 मास्क को दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाएगी साथ ही बायो-मेडिकल वेस्ट को घटाने का काम करेगी।
21293. चल नहीं सकते लेकिन झील से हर रोज़ प्लास्टिक कचरा साफ़ करते हैं राजप्पन
Life for Society: Case Studies
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Inspiring Stories of Students/Employees/Senior citizen/Organisation/individual
Hindi
Kerala
The Better India
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- केरल के कोट्टयम जिला के एन. एस राजप्पन पिछले 5 सालों से वेम्बनाड झील से प्लास्टिक कचरे को साफ़ कर रहे हैं। दिल छूने वाली बात यह है कि राजप्पन जब 5 साल के थे तब उन्हें पोलियो हो गया था। उनके घुटने से नीचे का हिस्सा पैरेलाइज्ड है, जिसके चलते वह चल नहीं पाते।
- राजप्पन अपने हाथों के सहारे आगे बढ़ते हैं और एक नाव पर बैठकर झील से प्लास्टिक कचरा इकट्ठा करते हैं। राजप्पन के मुताबिक वह उस झील को मरते हुए नहीं देख सकते, जिसे देखते हुए बड़े हुए हैं। वह कहते हैं, “चल नहीं सकता इसलिए दूसरी कोई नौकरी मिलना मुश्किल है। यहां पर एक किलो प्लास्टिक साफ करने के एवज में 12 रूपये मिलते हैं।”
- अभिनेता रणदीप हुड्डा ने भी उनकी कहानी के बारे में ट्वीट किया और लिखा, “कोई देश के प्रति अपना प्यार कैसे दिखा सकता है? शायद इस तरह से। प्यार अक्सर काम में झलकता है, केवल शब्दों और सोशल मीडिया पर नहीं। राजप्पन जी को सलाम है। देशभक्ति का असली चेहरा।”
21294. Launched by two sisters, this saree startup is sourcing unexplored weaves of India
Innovation and startups, ISRO/Defense/Water infrastructure/EV and other sectors
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Startups in Bharat
English
India
Your Story
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- Combining her creative skills and entrepreneurial drive, Ipsita started 6yardsandmore, which brings authentic and unexplored weaves of India to consumers worldwide.
- Noida-based 6yardsandmore was founded by Ipsita and her sister, Vinita Dash, who handles operations from Kuwait, in 2016.
- Sarees are sourced from all over the country, including Assam, Bengal, Bihar, Manipur, and Odisha in the East; Tamil Nadu, Kerala, Andhra, and Karnataka in the South; Lucknow, Banaras, Madhya Pradesh, and Maheshwar in the North; and Maharashtra and Rajasthan in the West.
21295. जिंदा था तब बचाई सैकड़ों की जान, मौत के बाद भी दे गया 8 लोगों को नई जिदंगी
Life for Society: Case Studies
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Inspiring Stories of Students/Employees/Senior citizen/Organisation/individual
Hindi
Kerala
NBT
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- केरल के रहने वाले अनुजिथ ने 2010 में बचाया था बड़ा रेल हादसा ऑफिस से घर लौटते समय बाइक के सामने आए युवक को बचाने में हुआ ऐक्सिटेंड
- अनुजिथ का हार्ट केरल के मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद सरकारी चॉपर से किया गया एयरलिफ्ट
- लॉकडाउन में चली गई थी अनुजिथ की नौकरी, कुछ दिनों पहले ही सुपरमार्किट में मिली थी सेल्सैन की जॉब
21296. लॉकडाउन में माफ की बच्चों की 3 महीने की फीस, 4 लाख रुपये की सेविंग्स से 1500 को खाना भी खिलाया
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Inspiring Stories of Students/Employees/Senior citizen/Organisation/individual
English
Maharashtra
NBT
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- मुंबई में लॉकडाउन के दौरान स्कूल की प्रिंसिपल ने पति के साथ पेश की अनोखी मिसाल
- स्कूली बच्चों की तीन महीने की फीस को किया माफ, नहीं रुकने दी बच्चों की पढ़ाई
- पति और दोस्तों के साथ मिलकर करीब 1500 परिवारों के लिए किया दो वक्त के खाने का इंतजाम
21297. कोविड-19 से मरने वालों के शव दफना रहे पावरलिफ्टर अजमतुल्ला, कहा- दर्द बयां नहीं कर सकता
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Hindi
Karnataka
Amar Ujala
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- बिना झिझक, एक बार में आसानी से 295 किलोग्राम वजन उठाने वाले पावरलिफ्टर मोहम्मद अजमतुल्ला कोविड-19 से मरने वालों का पूरे सम्मान से कफन-दफन करने का सामाजिक काम कर रहे हैं।
- चैंपियन पावरलिफ्टर का कहना है, 'कोरोना संक्रमण से मरने वाले किसी व्यक्ति के शव को उठाते वक्त जो दर्द मैं महसूस करता हूं, उसे बयां नहीं कर सकता।'
- अजमतुल्ला उर्फ अजमत वैसे तो एक आईटी फर्म डीएक्ससी में प्रोग्राम मैनेजर हैं। लेकिन, काम के बाद बचे हुए दो दिन (शनिवार और रविवार) में वह ‘मर्सी मिशन’ के साथ मिलकर कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों का अंतिम संस्कार करते हैं।
21298. Hyderabad NGO supplies free oxygen cylinders to poor patients undergoing home isolation
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Inspiring Stories of Students/Employees/Senior citizen/Organisation/individual
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Andhra Pradesh
ANI
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- With many patients who are undergoing home isolation, a non-governmental organisation in Hyderabad is providing free oxygen cylinders to poor patients who are undergoing home isolation.
- Mohd Fareed Ullah, representative of Helping Hand Foundation, the NGO providing free oxygen cylinders said that they have been receiving calls on a regular basis demanding for oxygen cylinder and the response has also been good.
- Ullah added that close to 12 to 15 cylinders are being provided to patients on a daily basis. “We are following up with the other patients too and we are supplying oxygen whenever they need,” Said NGO Head.
21299. गाने गाकर कोरोना से बचने का संदेश बिखेर रहे हैं शिबू दास, 20 वर्षों से विभिन्न मुद्दों को लेकर फैला रहे हैं जागरुकता
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Inspiring Stories of Students/Employees/Senior citizen/Organisation/individual
Hindi
West Bengal
Dainik Jagran
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- With कोलकाता की गली-सड़कों पर इन दिनों आपको एक व्यक्ति मोटरबाइक पर घूम-घूमकर गाने गाते दिख जाएगा। इस शख्स का नाम है शिबू दास।
- शिबू की मोटरबाइक में कई प्लेकार्ड भी लगे हुए हैं, जो कोरोना से बचने का संदेश बिखेर रहे हैं।
- एक प्लेकार्ड में लिखा है- 'मास्क पहनना न भूलें'।' दूसरे में लिखा है-'शारीरिक दूरी बनाकर चलें।' शिबू ने बताय-' मैं पिछले 20 वर्षों से विभिन्न मुद्दों को लेकर जागरूकता फैलाता आ रहा हूं। इस बार मैं अपनी बाइक से घूम-घूमकर कोरोना से बचने को लेकर जागरूकता फैला रहा हूं।
21300. इलाज के लिए आने वाले 1000 से भी ज्यादा मरीजों को रोजाना फ्री में खाना बाँटता है यह छात्र
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Hindi
Andhra Pradesh
The Better India
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- शुजातुल्लाह की टीम हर रविवार को अस्पताल के अलावा वृद्धाश्रम और अनाथाश्रम में भी जाकर नाश्ता वितरण करती है।
- हैदराबाद के फार्मा कॉलेज में पढ़ाई कर रहे शुजातुल्लाह ने 2016 में ह्यूमैनिटी फर्स्ट फाउंडेशन की नींव रखी थी।
- उन्होंने अपने दोस्तों के साथ सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के आस-पास जरूरतमंदों को रात में भोजन पहुंचाना शुरू किया। आगे चलकर जब उन्हें लोगों का सहयोग मिलने लगा तो हैदराबाद के नीलोफर हॉस्पिटल में सुबह का नाश्ता बांटना शुरू कर दिया।