| Jan 01, 1970 | Daily Report |
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23051. हर्बल से भागेगा कोरोना? ICAR का दावा- मिल गए वो पौधे जिनका रस कर सकता है कोविड-19 का खात्मा
- भारतीय वैज्ञानिकों ने कुछ हर्बल पौधों में ऐसे कम्पाउंड पाए हैं जिनसे कोरोना वायरस (Coronavirus) का इलाज किया जा सकता है। यह दावा हिसार के नैशनल रिसर्च सेंटर ऑन इक्वॉइन्स (NRCE) के वैज्ञानिकों का है। NRCE इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) के तहत आने वाला संस्थान है।
- ICAR ने इस रिसर्च की फाइंडिग्स पर फॉर्मल नोट जारी किया। इससे वैज्ञानिकों के लिए कोविड-19 मरीजों के इलाज का कोई रास्ता निकल सकता है। NRCE के डेप्युटी डायरेक्टर जनरल (एनिमल साइंस) बीएन त्रिपाठी ने बताया कि यह ऐसी लीड है जिसने NRCE के साइंटिस्ट्स को कई वायरस के खिलाफ अच्छे नतीजे दिए हैं। हालांकि उन्होंने उन पौधों के बारे में इस वक्त बताने से मना कर दिया।
- कोरोना वायरस के शुरुआती मॉडल पर बेस्ड है रिसर्च - नोट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के समय आपात स्थिति को देखते हुए ICAR-NRCE हिसार के वैज्ञानिकों ने कुछ नैचरल प्रॉडक्ट्स के असर का आंकलन किया। ये प्रॉडक्ट्स इंसानी इस्तेमाल के लिए सुरक्षित हैं और आमतौर पर खांसी-बुखार ठीक करने में यूज होते हैं। साइंटिस्ट्स ने चिकन कोरोना वायरस के इन्फेक्शन मॉडल का स्टडी में इस्तेमाल किया ताकि कुछ हर्बल पौधों के एंटीवायरल इफेक्ट को जांचा जा सके।
23052. बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोना की आयुर्वेदिक दवा Coronil, 7 दिन में मरीजों को ठीक करने का दावा
- बाबा रामदेव ने कोरोना की आयुर्वेदिक दवा (Ayurvedic Medicine of Corona) बनाने का दावा करते हुए , कोरोनिल नाम की मेडिसिन लॉन्च की है। दवाओं के ट्रायल के दौरान तीन दिन के अंदर 69 पर्सेंट रोगी नेगेटिव हो गए। इसके अलावा ट्रायल के दौरान सात दिन में 100 फीसदी मरीज नेगेटिव हो गए।
- बाबा रामदेव का दावा है कि उन्होंने दवा के लिए पहले एथिकल अप्रूवल लिया, फिर भारत की क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री (CTIR) से ट्रायल की परमिशन ली। इसके बाद दवा का ट्रायल शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि इस दवा का क्रिटिकल पेशंट्स पर सेकेंड ट्रायल होगा। रामदेव का दावा है कि इस दवा को लॉन्च करने तक सारे वैज्ञानिक नियमों का पालन किया गया है।
- किसी भी दवा को यूज करने पर उसके साइड-इफेक्ट्स का खतरा रहता है। हालांकि रामदेव के मुताबिक, उनकी 'दिव्य कोरोना किट' का कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये सब जड़ी-बूटियों से मिलाकर बनाया है, इसका शरीर पर कोई नकरात्मक असर नहीं मिला है।
23053. दवा कंपनी सन फार्मा ने कोविड-19 के लिए लॉन्च की फ्लूगार्ड टेबलेट, सिर्फ 35 रुपए रखी है कीमत; इसी हफ्ते से बाजार में होगी उपलब्ध
- फ्लूगार्ड टेबलेट से देश में कोरोना के हल्के लक्षणों वाले मरीजों का इलाज किया जाएगा
- सन फार्मा दुनिया की चौथी और देश की सबसे बड़ी जेनेरिक फार्मा कम्पनी है
- सन फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्रीज ने मंगलवार को कोविड-19 के मरीजों के लिए फ्लूगार्ड टेबलेट लॉन्च की। एक टेबलेट की कीमत 35 रुपए है। फ्लूगार्ड टेबलेट से देश में कोरोना के हल्के लक्षणों वाले मरीजों का इलाज किया जाएगा।
23054. कोरोना की एक और दवा बाजार में, जानिए कितनी है कीमत
- ल्यूपिन ने भारत में कोविड- 19 की दवा ‘कोविहाल्ट’ को बाजार में उतारा
- 200 एमजी की गोली के रूप में 10 गोलियों की स्ट्रिप, 49 रुपये की एक गोली हल्के और कम गंभीर रोगियों के इलाज में इस्तेमाल किया जा सकता है
- आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए डीजीसीआई से मिली अनुमति
23055. दवा:भारतीय कंपनी MSN ग्रुप ने कोरोना की दवा 'फेविलो' लॉन्च की, 200 एमजी वाली एक टेबलेट की कीमत 33 रुपए
- हैदराबाद की जेनरिक फार्मा कंपनी MSN ग्रुप ने कोरोना की सबसे सस्ती दवा 'फेविलो' लॉन्च की है। इसमें फेविपिराविर ड्रग का डोज है।
- 200 एमजी फेविपिराविर की एक टेबलेट 33 रुपए की होगी। कंपनी के मुताबिक, जल्द ही फेविपिराविर की 400 एमजी टेबलेट भी लॉन्च की जाएगी।
- कोरोना के मरीजों के लिए पहले भी MSN ग्रुप एंटीवायरल ड्रग ऑसेल्टामिविर को ऑस्लो नाम से लॉन्च कर चुका है। यह 75 एमजी की टेबलेट है।
23056. कोरोना के इलाज के लिए बाजार में आई एक और दवा, जानिए क्या है खूबी
- डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड (Dr Reddy's Laboratories Limited) ने भारत में कोविड-19 संक्रमितों के इलाज के लिए रेम्डेसिविर दवा को बाजार में जारी करने की घोषणा की है। यह दवा 'Redyx' ब्रांड नाम के तहत उपलब्ध होगी।
- गिलीड ने डॉ. रेड्डीज लैब को रेम्डेसिविर के पंजीकरण, विनिर्माण और बिक्री का अधिकार दिया है। इस तरह के अधिकार भारत सहित 127 देशों में कोविड-19 के संभावित इलाज में काम आने वाली इस दवा के लिए दिए गए हैं।
- भारत के दवा महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने रेम्डेसिविर का इस्तेमाल भारत में कोविड-19 के गंभीर लक्षण वाले अस्पताल में भर्ती मरीजों पर आपात स्थिति में करने की मंजूरी दी है।
23057. आईआईटी दिल्ली का बड़ा शोध- कोरोना के उपचार में ज्यादा असरदार है 'टेइकोप्लानिन' दवा
- आईआईटी दिल्ली के एक शोध में पता चला है कि कोविड-19 के उपचार के लिए क्लिनिकल रूप से स्वीकृत दवा ‘टेइकोप्लानिन’ एक प्रभावी विकल्प हो सकती है और इस समय इस्तेमाल की जा रही अन्य दवाओं से दस गुना तक अधिक असरदार हो सकती है।
- आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर अशोक पटेल ने कहा, ‘टेइकोप्लानिन की तुलना जब इस्तेमाल में लाई जा रही अन्य महत्वपूर्ण दवाओं से की तो हमारी प्रयोगशाला की परिस्थितियों में सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ लोपिनाविर और हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन जैसी दवाओं के तुलना में टेइकोप्लानिन 10 से 20 गुना अधिक प्रभावी पाई गई।’ अनुसंधान में पटेल को एम्स के डॉ. प्रदीप शर्मा की भी मदद मिली। इसका प्रकाशन ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल मैक्रोमॉलीक्यूल’ में भी किया गया है। टेइकोप्लानिन एफडीए से स्वीकृत ग्लाइको पेप्टाइड एंटीबायोटिक है जिसका उपयोग निम्न विषाक्तता वाले ग्राम पॉजिटिव बैक्टीरिया संक्रमण के उपचार के लिए किया जाता है।
- पटेल ने कहा, हाल ही में रोम की सेपिएंजा यूनिवर्सिटी में टेइकोप्लानिन के साथ एक क्लिनिकल अध्ययन किया गया। बहरहाल, कोविड-19 के उपचार के लिए टेइकोप्लानिन की निश्चित भूमिका का पता लगाने के लिए मामूली, मध्यम और गंभीर स्तर के रोगियों के एक बड़े वर्ग पर विस्तृत क्लिनिकल जांच जरूरी है।
23058. Amid Shortage of Remdesivir, Himachal-Based Company Gets Licence To Manufacture The Drug
- Dr Reddy’s Laboratories (DRL), a Himachal Pradesh-based drug manufacturing company located in the Baddi-Brotiwala-Nalagarh industrial belt, has got the government’s approval to manufacture antiviral Remdesivir, a drug considered important for the treatment of Covid-19, for emergency use in India.
- Keeping in view the high Covid caseload of the states, the company will supply the drug to Maharashtra, Madhya Pradesh, Gujarat, Karnataka and Delhi on a priority basis.
- Apart from DRL, four other companies based in Himachal Pradesh — Cipla, Hetero Labs, Nitin Lifesciences and Jubilant Pharma—are already manufacturing Remdesivir. The Centre has flagged “irrational use” of the Remdesivir drug, urging the hospitals and physicians to judiciously use it for Covid patients only, and those on oxygen support.
23059. रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर केंद्र ने दी अच्छी खबर, आज से 1.5 लाख वाइल का उत्पादन शुरू
- केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि देश में रेमडेसिविर इंजेक्शन के उत्पादन में तेजी आए और इसकी कीमतें कम हों, इसके लिए भारत सरकार लगातार कोशिश कर रही है।
- उन्होंने कहा है कि आज से इस दवा की 1.5 लाख वाइल का प्रतिदिन उत्पादन शुरू हो गया है और आने वाले 15 दिनों में इसका उत्पादन बढ़कर रोजाना 3 लाख वाइल हो जाएगा। इसके लिए इसके 20 प्लांट बढ़ाने की भी मंजूरी दी गई है, जिससे यह मौजूदा 20 प्लांट से दोगुनी हो जाएगी।
- उन्होंने कहा है कि सरकार ने रेमडेसिविर की कीमतें कम करने के लिए भी सभी कंपनियों से बातचीत की है, जिसकी वजह से सभी कंपनियों ने अपनी कीमतें घटा दी हैं। यही वजह है कि कल तक इसकी खुदरा कीमतें जो 5,000 रुपये या उससे भी ज्यादा थी, अब वह घटकर 3,500 रुपये से भी कम हो गई है
23060. Philippines to acquire 3 batteries of BrahMos
- The Philippines confirmed on Friday it will acquire three batteries of the BrahMos cruise missile jointly developed by India and Russia in a deal worth almost $375 million, a development expected to boost India’s efforts to become a major exporter of defence hardware.
- The defence deal is unlikely to go down well with China, whose aggressive behaviour in the disputed South China Sea has taken relations with the Philippines to a fresh low. The Philippine Marines intend to use the BrahMos as a shore-based anti-ship missile.
- Philippine defence secretary Delfin Lorenzana said he had recently signed the “notice of award” – or the acceptance of India’s proposal for supplying the missile – for the Philippine Navy’s shore-based anti-ship missile acquisition project. “Negotiated with the Government of India, it includes the delivery of three batteries, training for operators and maintainers as well as the necessary Integrated Logistics Support (ILS) package,” Lorenzana said in a brief post on his Facebook page.
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