| Jan 01, 1970 | Daily Report |
| RISING BHARAT | News Count (102682) | |
21311. इलाज के लिए आने वाले 1000 से भी ज्यादा मरीजों को रोजाना फ्री में खाना बाँटता है यह छात्र
- शुजातुल्लाह की टीम हर रविवार को अस्पताल के अलावा वृद्धाश्रम और अनाथाश्रम में भी जाकर नाश्ता वितरण करती है।
- हैदराबाद के फार्मा कॉलेज में पढ़ाई कर रहे शुजातुल्लाह ने 2016 में ह्यूमैनिटी फर्स्ट फाउंडेशन की नींव रखी थी।
- उन्होंने अपने दोस्तों के साथ सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के आस-पास जरूरतमंदों को रात में भोजन पहुंचाना शुरू किया। आगे चलकर जब उन्हें लोगों का सहयोग मिलने लगा तो हैदराबाद के नीलोफर हॉस्पिटल में सुबह का नाश्ता बांटना शुरू कर दिया।
21312. ट्रांसजेंडर राजकुमारी की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बाद भी 8 बच्चों को गोद लेकर कर रहीं परवरिश, कोरोना काल में 1 लाख लोगों को बांट चुकी हैं अनाज
- गरीबों के पालन पोषण के लिए अपनी आमदनी से वे 75% हिस्सा दान करती हैं।
- इसके अलावा इस महिला ने 1000 लड़कियों की शादी करवा कर समाज में एक मिसाल कायम की है। राजकुमारी को लोगों के घर जाकर नाचते या गाते हुए जो गहने मिलते हैं, उन्हें वे आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को दे देती हैं।
- जब से कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू हुआ है तब से आज तक गरीबों के बीच वे 1 लाख का अनाज बांट चुकी हैं।
21313. Honey export helps earn Rs 760 cr through foreign exchange: Expert
- “Punjab has emerged as a hub of beekeeping and PAU is a pioneer in apiculture diversification,” she added. Dr Bains further said that PAU was imparting trainings in beekeeping to supplement the income of farmers as well as unemployed youths.
- In all, 30 participants from 12 states are attending the programme, which is being organised by the Department of Entomology, PAU.
- Dr Balraj Singh, project coordinator, ICAR-All India Coordinated Research Project (AICRP) honey bees and pollinators, in his remarks said, “Sixty per cent of honey is being exported. This helps in earning Rs760 crore through foreign exchange.”
Click here to find 862 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
21314. MTAR Tech reports 50.5% jump in Q3 post-tax profit
- Defence and aerospace critical components manufacturer MTAR Technologies has reported a post-tax profit of Rs 13.3 crore during quarter ended December 2021, translating into a growth of 50.5 percent over the same quarter a year ago where it recorded a post-tax profit of Rs 8.8 crore.
- During the quarter under review, the Hyderabad-headquartered defence technologies firm reported a revenue of Rs 78.1 crore, an increase of 41.4 percent over Rs 55.2 crore a year ago.
- During the quarter under review, the company saw its revenue from exports increasing by 151.1 percent at Rs 31 crore, while the growth in revenue from exports during the nine months period of current fiscal amounted to 61.4 percent at Rs 51.5 crore.
Click here to find 862 similar incidents of Bharat Economic Growth -> Increasing Exports
21315. Skywalk connecting New Delhi railway station and Metro stations to be opened soon
- To facilitate smooth connectivity between New Delhi railway station and adjacent metro stations on the yellow metro line and the Airport Express Line, a dedicated skywalk is all set to come up very soon for public use, Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) officials said on Thursday.
- The art skywalk, which has been constructed by DMRC in association with Northern Railways, is all set to be opened to the general public very soon.
- "This newly-constructed skywalk is an extension of the foot over bridge (FOB) inside the railway station and connects the Ajmeri Gate side of the station with the New Delhi metro stations of Yellow Line and Airport Line, including the multi-level parking side, across Bhavbhuti Marg through multiple entry and exit points, DMRC tweet read.
21316. ‘ठेंगापाली’: जानिए कैसे इस एक हथियार से 600 एकड़ जंगलों को बचाया है इस एक शख्स ने
- दामोदर ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गाँव के आसपास की 300 एकड़ ज़मीन के जंगल का संरक्षण किया। वहां पौधरोपण किया गया और साथ ही बचे-कुचे पेड़ों को सहेजा गया। इस जंगल को बाड़लाकोट के नाम से जाना जाता है दामोदर के अनुसार, मोतीगांव, सिवनागुड़ा, गोईगुड़ा, कून्ना, सिरसियागुड़ा, केरागांव के लोगों ने भी ठेंगापाली पद्धति से जंगल बचाया है। इससे इलाके का भूजल स्तर बढ़ा
- जंगल की रक्षा के लिए उन्होंने ‘ठेंगापाली पद्धिति’ का अनुकरण किया।दामोदर बताते हैं, “ठेंगा का मतलब होता है खास बांस से बना ‘डंडा’ और पाली का मतलब होता है ‘बारी।’ इस डंडे पर बहुत सारे कपड़े बांधे जाते हैं, ये सभी कपड़े हमारी देवी का प्रतीक होते हैं। इस डंडे को लेकर हर दिन गाँव से कोई न कोई जंगल की पहरेदारी करता है ताकि कोई भी गलत तरीके से जंगल में न घुसे।
- अपनी बारी पूरी होने के बाद वह व्यक्ति इस डंडे को अपने पड़ोसी के घर के आगे रख देता है। दूसरे दिन उस पड़ोसी की बारी होती है और फिर वह तीसरे पड़ोसी के यहाँ डंडे को रखता है। इस तरह बारी-बारी से गाँव के सभी लोग जंगल की रखवाली करते हैं।”
21317. 7 दिन लगातार जुटकर खुद घर में बनाया सोक पिट, ताकि मोहल्ले में किसीको न हो पानी की कमी
- बिहार के राहुल रोहिताश्व जल संकट से निपटने के लिए अपने घर में बूंद-बूंद पानी का संरक्षण कर रहे हैं।
- आज रेन वॉटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संग्रहण) को एक नए रूप में अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि हर साल बारिश के मौसम में वर्षा जल बेकार ही बर्बाद हो जाता था। ऐसे में, इसके संरक्षण के लिए उन्होंने अपने घर में सोक पिट (पन सोखा) का निर्माण कराया।
- आप राहुल से जल संरक्षण की तकनीक को समझना चाहते हैं तो उनसे 8986431476 पर संपर्क कर सकते हैं।
21318. 70 साल के मिस्त्री का हर कोई कायल, मुफ्त में सिखाते हैं मार्शल आर्ट
- रामेश्वरम में 70 साल के राजमिस्त्री हैं गणपति मुरुगेसन। गणपति सिर्फ मजदूर ही नहीं बल्कि तमिलनाडु की प्राचीन मार्शल आर्ट कला सिलंबम में उस्ताद हैं।
- इतना ही नहीं वह अपने राज्य की इस कला को युवा पीढ़ी को सौंपना चाहते हैं। इसके लिए वह हर रोज 200 बच्चों को मुफ्त में सिलंबम सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहे हैं। अपनी संस्कृति और कला बचाने गणपति की इस नेक मुहिम को काफी लोगों की सराहना मिल रही है।
- गणपति पेशे से राजमिस्त्री हैं। वह कहते हैं, 'मैं हर रोज 800 रुपये कमाता हूं। मैं इस ट्रेनिंग क्लास को दिन में दो बार मुफ्त में चलाता हूं। मैं चाहता हूं कि यह कला हमारी आने वाली पीढ़ी को सौंपी जाए।'
21319. Raksha Bandhan in Prayagraj: 'ग्रीन रक्षाबंधन'...1 लाख पौधे लगाने वाले हरियाली गुरु का अनूठा संकल्प
- प्रयागराज में ग्रीन मैन ने अपने अनूठे अंदाज में मनाया रक्षा बंधन
- पेड़ पौधों को राखी बांधकर तामउम्र हिफाजत करने का संकल्प हरियाली गुरु के प्रयागराज में लगा चुके हैं 1 लाख से ज्यादा पौधे
- पेड़-पौधों की आरती उतारने के बाद तनों में बांधा गया रक्षा सूत्र
21320. घर-घर से चीजें इकट्ठा कर बेचती हैं यह महिला, कमाई से भरती हैं ज़रुरतमंदों बच्चों की फीस
- देवयानी ने एक छोटी-सी दुकान किराए पर लेकर स्टोर शुरू किया। इसमें डोनेशन के सभी सामान को अलग-अलग केटेगरी में रखकर उनका मूल्य तय किया गया। यहां से कोई भी 5 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की चीज़ें खरीद सकता है। यहां पर मिलने वाले सामान में बच्चे-बड़े, महिला-पुरुष के कपड़ों से लेकर स्टेशनरी, बच्चों के लिए गेम्स, किताबें, बर्तन और फर्नीचर आदि शामिल हैं।
- उन्होंने सरकारी स्कूल में पढ़ाई करने वाली तीन लड़कियों का दाखिला एक प्राइवेट स्कूल में कराया है। ये बच्चियां पढने में काफी होशियार हैं।
- इनकी फीस का खर्च देवयानी इसी स्टोर की कमाई और कुछ अपनी जेब से देती हैं। समय-समय पर लोगों को जोड़कर वह सरकारी स्कूलों की मदद भी करतीं हैं।