| Jan 01, 1970 | Daily Report |
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22941. उत्तराखंड : हल्दवानी में DRDO का 500 बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू, कई सुविधाओं से है लैस
- यह अस्पताल 3 जून यानी कल से पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगा, इसमें 375 ऑक्सीजन बेड है और 125 आईसीयू बेड वेंटीलेटर के साथ है.100 फीसदी पावर बैकअप के साथ यह सेंट्रली एयर कंडीशड है जो हर मौसम के अनुकूल है
- इस सेंटर में पैथोलॉजी लैब, फार्मेसी, एक्सरे और ईसीजी जैसी कई सुविधाएं हैं. 350 वर्कर्स ने 21 दिनों में दिन-रात मेहनत करके इस कोविड सेंटर को तैयार किया है.
- इस सेंटर में पैथोलॉजी लैब, फार्मेसी, एक्सरे और ईसीजी जैसी कई सुविधाएं हैं. 350 वर्कर्स ने 21 दिनों में दिन-रात मेहनत करके इस कोविड सेंटर को तैयार किया है. भविष्य में किसी भी प्रकार की चुनौतियों से निपटने के भी यहां भरपूर इंतजाम किए गए हैं. वाई फाई से लैस कंट्रोल सेन्टर भी बनाया गया है.
22942. 350 से अधिक ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने देश भर में 24 हजार टन से ज्यादा ऑक्सीजन वितरित की: रेल मंत्रालय
- रेल मंत्रालय के मुताबिक अब तक 352 ट्रेन अपना सफर पूरा कर चुकीं हैं। इन विशेष ट्रेन की मदद से देश में 24387 एमटी से ज्यादा तरल मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी की जा चुकी है। ट्रेनों ने कुल 1438 ऑक्सीजन टैंकरों को 15 राज्यों में पहुंचाया है।
- महाराष्ट्र में 614 टन ऑक्सीजन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3797, मध्य प्रदेश में 656 टन, दिल्ली में 5692 टन, हरियाणा में 2135 टन ऑक्सीजन की सप्लाई हो चुकी है।
- इन ट्रेनों की मदद से महाराष्ट्र में 614 टन ऑक्सीजन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3797, मध्य प्रदेश में 656 टन, दिल्ली में 5692 टन, हरियाणा में 2135 टन, राजस्थान में 98 टन, कर्नाटक में 2785 टन, उत्तराखंड में 320 टन, तमिलनाडु में 2561 टन, आंध्र प्रदेश में 2442 टन, पंजाब में 225 टन, केरल में 513 टन, तेलंगाना में 2184 टन, झारखंड में 38 टन और असम में 320 टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने 40 दिन पहले 24 अप्रैल को महाराष्ट्र में 126 एमटी तरल मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी करने के साथ अपना काम प्रारंभ किया था।
22943. कोरोना से जंग में एंड्राइड हथियार: कश्मीर के तीन सिख युवाओं ने बनाया ये एप, ऐसे काम करता है 'किरपा'
- कोरोना योद्धा हैं कश्मीर के रहने वाले तीन सिख युवा अभयजीत सिंह (25), बलजीत सिंह (25) और उरज सिंह (28)। इन्होंने एक एंड्राइड एप तैयार किया है।
- अभयजीत ने बताया कि उनकी टीम का नाम बैकयार्ड प्रोजेक्टस है और इन तीनों ने मिलकर एक एप तैयार किया जिसका नाम किरपा रखा।
- उन्होंने बताया कि उनकी इस एप के जरिये कोई भी कोरोना मरीज जिसे ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीमीटर आदि की जरूरत होती है वो इस एप के जरिये अपनी डिमांड रख सकता है। एडमिन उस रिक्वेस्ट को अप्रूव कर उस सामान को या तो मरीज के किसी अटेंडेंट को देता है या किसी वालंटियर की ड्यूटी उस सामान को मरीज तक पहुंचाने की लगाई जाती है
22944. इस पैराएथलीट ने व्हीलचेयर पर तय की 213 किलोमीटर की दूरी, बनाया विश्व रिकॉर्ड!
- बीते पैराओलंपिक में देश के पैराएथलीट खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर देश का नामा ऊंचा किया था, हालांकि पैराएथलीट ओलंपिक से इतर भी लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। हाला ही में एक पैराएथलीट ने विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर देश का नाम एक बार फिर से रोशन कर दिया है।
- कमल कांत से पहले व्हीलचेयर के द्वारा तय की अधिकतम दूरी का रिकॉर्ड पुर्तगाल के मारियो ट्रिनाडे के नाम था। मारियो ने साल 2007 में व्हीलचेयर पर 182.4 किलोमीटर की दूरी तय कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। मारियो ने यह कारनामा पुर्तगाल के विला रियल स्थित स्टेडियम में किया था।
- गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड के लिए आवेदन को पुख्ता करने के लिहाज से कमल कांत की इस मैराथन को लेकर तैयारियां भी की गईं थी, जहां आयोजन की निगरानी को ध्यान में रखते हुए कुल 8 कैमरे लगाए गए थे, इसी के साथ वहां पर जीपीआरएस सिस्टम्स भी लगाए गए थे।
22945. 'गुड पैरेंटिंग' की क्लास देते हैं ये IPS अधिकारी, अपने खास प्रोग्राम से कर रहे हैं अभिभावकों की मदद
- आईपीएस अधिकारी हसमुख पटेल बीते कई सालों से माता-पिताओं को मुफ्त में परामर्श दे रहे हैं ताकि वे अपने बच्चों को प्यार के साथ पाल सकें। उन्होंने साल 2014 में अपने इस खास कार्यक्रम ‘पैरेंटिंग फॉर पीस’ की शुरुआत की थी।
- 'बच्चों का पालन-पोषण करना 'बच्चों का खेल' नहीं है’ और इस ज़िम्मेदारी को निभाना तमाम अभिभावकों के लिए अक्सर चुनौतीपूर्ण साबित होता है। ऐसे में एक आईपीएस अधिकारी बीते कई सालों से अभिभावकों के लिए इस काम को सरल बनाने में उनकी मदद कर रहे हैं। इन आईपीएस अधिकारी का नाम हसमुख पटेल है, जो फिलहाल गुजरात पुलिस में एडिशनल एडीजी पद पर अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
- अपने इस कार्यक्रम के तहत हसमुख पटेल करीब 3 हज़ार से अधिक वॉलंटियर्स को प्रशिक्षण दे चुके हैं और इन वॉलंटियर्स ने देश भर में करीब 40 हज़ार से अधिक अभिभावकों को पैरेंटिंग से जुड़े परामर्श प्रदान दिये हैं। मालूम हो कि डीम्ड यूनिवर्सिटी गुजरात विद्यापीठ ने इसे स्टडी कोर्स की तरह अपने पाठ्यक्रम में जोड़ा है और आज इस कोर्स में 60 से अधिक छात्र हिस्सा ले रहे हैं।
22946. दुर्व्यवहार सहने वाले जानवरों को न्याय दिलाने के लिए है LawSikho की ये खास पहल
- भारत में जानवरों के कल्याण के लिए कई कानून पारित किए गए हैं। हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि क्या चीजें ट्रैक पर हैं या नहीं, यह जांचने के लिए कोई नियामक फर्म है या नहीं।
- यह वह जगह है जहां ऑनलाइन कानूनी शिक्षा मंच LawSikho की पशु कल्याण पहल, "पशु रक्षा के लिए वकील," चलन में आती है। LawSikhoकानूनी ब्लॉग साइट iPleaders पर हेल्पलाइन नंबरों और उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी विवेकपूर्ण तरीके से साझा कर रहा है, ताकि संकट में पड़े जानवरों, विशेष रूप से कुत्तों, बिल्लियों, मवेशियों आदि की मदद की जा सके या बचाव किया जा सके।
- रामानुज पशु प्रेमी हैं। वास्तव में, LawSikho का ऑफिस, जो सैनिक फार्म, नई दिल्ली में है, एक खुले वातावरण में है जो आवारा कुत्तों, बिल्लियों और पक्षियों का घर है जो स्वतंत्र रूप से घूमते हैं और उन्हें नियमित रूप से स्वस्थ भोजन प्रदान किया जाता है।
- मई 2021 में स्थापित होने के बाद से, LawSikho टीम ने देश भर के 150 से अधिक स्वयंसेवकों की मदद से लगभग 500 RTI दायर की हैं। टीम सड़क पर रहने वाले जानवरों के लिए प्राथमिक चिकित्सा जैसी पशु चिकित्सा सेवाएं भी लेती है। रामानुज का दावा है कि कई नगर निगम जानवरों के लिए काम करने में पिछड़ रहे हैं, और बेसहारा जानवरों के लिए कुछ ही आश्रय गृह अस्तित्व में हैं। LawSikho के माध्यम से, रामानुज अब चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग पशु दुर्व्यवहारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रासंगिक कानूनों और विकल्पों के बारे में जागरूक हों।
22947. Over 50 percent of children between 15 to 18 age group receive 1st dose of COVID-19 vaccine in the country
- Over 50 percent of children between the age of 15 and 18 years have received their 1st dose of COVID-19 vaccine.
- The Prime Minister has expressed happiness over the Covid-19 vaccination drive of children. In a tweet today, the Prime minister said, young and youthful India showing the way. He said, it is important to vaccinate and observe all COVID-19 related protocols.
- He said, together, the country will fight this pandemic. Expressing happiness over the encouraging news that over 50 percent of youngsters between the age group of 15 to 18 have received the first dose of Covid-19 vaccine, he said, let us keep the momentum.
22948. HP, Dell, Acer On Board As India’s Rs 90,000 Crore Semiconductor Investment Journey Begins
- The central government is targeting a share of 10% in global electronics manufacturing and aiming at Rs 90,000 crore investments in semiconductors alone.
- the government is already seeking applications from 100 domestic companies, start-ups and MSMEs under its Design Linked Incentive (DLI) Scheme to create a “vibrant ecosystem for Semiconductor Chip Design” in India.
- “India made a policy pitch to latch on to the digitisation opportunity eyeing Rs 90,000 crore investments in semiconductors alone. Supply shortage of chips has been due to rapid demand growth. Large players have been able to manage their supplies,”
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22949. Family Spent Two Years Building Four-Seater Plane On Their Own In Garden Shed By Watching YouTube Videos
- Ashok Aliseril, 38, his wife Abhilasha Dubey, 35, Tara, 6, and Diya, 3, weren't going to let the boredom get to them and instead invested their time in something more meaningful. Ashok, a trained pilot, with help from his family, spent nearly two years building the plane - with just the instruction manual and YouTube videos for guidance, The Telegraph reported.
- The 38-year-old engineer from England's Essex, and his wife Abhilasha had wanted to buy an aircraft capable of accommodating both them and their two young daughters. However, they could not find a suitable option on the market.
- Almost two years later, the result is an incredible red and silver number complete with luxury seats and plenty of leg room. It was reported that the entire project cost £155,000 (Rs 1.57 crore).
22950. Mitsubishi Electric India launches CNC-on-Wheels; aims to improve manufacturing ecosystem
- Mitsubishi Electric Computerised Numerical Controllers (CNCs) has launched a training and demonstration caravan “CNC-on-Wheels”. This vehicle was flagged-off from the Mitsubishi Electric, CNC Technical Centre in Peenya which will start its journey in the Peenya industrial area first and then proceed to other Industrial areas.
- Mitsubishi Electric CNC offers advanced CNC control systems to take the machining needs of customers to a higher performance level. The company supplies CNC packages and technologies to various factory machines. Mitsubishi Electric India started its CNC manufacturing facility in Peenya, Bengaluru in 2017 to support the ‘Make in India’ initiative and aid industries that want to adopt the latest manufacturing technology.
- The “CNC-on-Wheels” is an initiative of Mitsubishi Electric CNC which has it’s focused on contributing to the improvement of the manufacturing ecosystem of India.