| Jan 01, 1970 | Daily Report |
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23671. आज की पॉजिटिव खबर:मनीष लॉकडाउन में नौकरी जॉइन नहीं कर सके तो ई-कॉमर्स ऐप लॉन्च किया, 3 महीने में 1.5 करोड़ टर्नओवर
- बिहार के मधुबनी के रहने वाले मनीष कुमार मरीन इंजीनियर हैं। उनके पास अच्छी खासी नौकरी का ऑफर था, लेकिन पिछले साल कोरोना के दौरान जब उन्होंने रिटेलर्स और कस्टमर्स की दिक्कतें देखीं तो हाइपर लोकल मार्केटिंग को लेकर काम करना शुरू किया।
- इसी साल अगस्त में पटना में एक स्टार्टअप की शुरुआत की। इसके जरिए वे बेहद कम वक्त में ब्रांड के साथ-साथ कस्टमर्स को भी उनकी जरूरत के प्रोडक्ट मुहैया करा रहे हैं। अभी उनके पास हर दिन अच्छी संख्या में ऑर्डर्स आ रहे हैं। महज तीन महीने में उन्होंने 1.5 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया है।
- फिलहाल हमारे साथ 200 से ज्यादा ब्रांड्स, 1000 से ज्यादा सेलर्स जुड़े हैं। अगर प्रोडक्ट की बात करें तो अभी हमारे पास करीब 500 प्रोडक्ट हैं।
23672. पीएम मोदी 27 को कर सकते हैं रेणुका बांध परियोजना का ऑनलाइन शिलान्यास
- आगामी 27 दिसंबर को प्रधानमंत्री का हिमाचल दौरा तय हुआ है। प्रधानमंत्री शिमला, मंडी या प्रदेश के किसी अन्य स्थान से रेणुका बांध परियोजना का ऑनलाइन शिलान्यास करेंगे।
- 7000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बहुआयामी रेणुका बांध परियोजना के निर्माण की तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। यहां तक कि बांध निर्माण के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी मिले भी करीब एक वर्ष का समय बीत चुका है।
- एलईडी के माध्यम से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा। इसको लेकर रेणुकाजी में रेणु मंच पर विशाल एलईडी स्क्रीनों को स्थापित किए जाने के साथ ही बांध प्रबंधन की ओर से भव्य कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियों में प्रबंधन जुट गया है।
23673. खुशहाली की उड़ान:शिमला से मंडी और मंडी से धर्मशाला के लिए हेलीटैक्सी सेवा शुरू हुई
- लंबे इंतजार के बाद मंडी और रामपुर भी हेली टैक्सी सेवा से जुड़ गया। पहले दिन हेलीटैक्सी ने शिमला से मंडी-धर्मशाला के लिए उड़ान भरी। हेलीटैक्सी में शिमला से वन एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया और बोध राज चंदेल यात्री के तौर पर सवार हुए।
- मंडी से हेलीटैक्सी की प्रथम उड़ान की यात्री बनीं सनयारड़ी की तनुजा शर्मा और थाना की दया शर्मा का कहना था कि वे पहली बार हवाई यात्रा कर रही हैं, इसलिए बहुत उत्सुक भी हैं।
- मंडी से धर्मशाला के लिए सिंगल सवारी के लिए भी कार टैक्सी की ड्रॉपिंग चार हजार रुपए ली जाती है। हेलीटैक्सी में 3665 रुपये मंडी से धर्मशाला का किराया तय है। मंडी शिमला से भी चार से पांच हजार रुपये टैक्सी की ड्रापिंग है।
23674. [Tech50] Building stealth technology for the Ministry of Defence, how this startup is ensuring our soldiers and warfare go undetected
- startup HyperStealth Technologies is one of the few startups catering to the defence sector. From multispectral camouflage nets to radar absorbing paints, its disruptive technology provides stealth features against the entire range of modern warfare sensors.
- Its disruptive technology provides stealth features against the entire range of modern warfare sensors. HyperStealth specialises in developing, designing, and manufacturing advanced solutions such as multi-spectral camouflage net, sniper suits and tents, adaptive thermal signature, radar-absorbing paints, etc.
- The startup’s biggest clients are the Ministry of Defence (MoD) and public sector companies dealing in defence assets like missiles.
23675. IIT Kharagpur Grads Help 1 Lakh Homes Cut Power Bills by 40%
- IIT Kharagpur graduates Pranesh Chaudhary and Sushant Sachan are the founders of Zunpulse, a sustainable startup that helps 1 lakh households save energy through smart utilisation of electrical appliances.
- in June 2016 they incorporated their startup Zunpulse, which today helps 1 lakh households save energy through smart utilisation of electrical appliances. They also established ZunRoof Solar Systems, which provides solar energy and Internet of Things (IoT) smart energy solutions.
- Zunpulse divides its smart appliances into four categories. What binds them is that they all operate through the Zunpulse app and require a regular Wi-Fi internet connection.
23676. कश्मीर: लॉकडाउन में नहीं बिके अखरोट, तो तेल बनाकर शुरू कर दिया बिज़नेस
- पहलगाम (कश्मीर) के एक गांव हसन नूर के 28 वर्षीय जासीफ़ अहमद डार किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पिछले साल लॉकडाउन के कारण, जब उनके कई किलो अखरोट नहीं बिके, तो उन्होंने एक नई तरकीब निकाली और इसके प्रोडक्ट्स बनाकर ऑनलाइन बेचना शुरू कर दिया। हसन नूर गांव में गुलाम कादिर डार के पास 50 कनाल जमीन है। उनके खेतों में सालाना तक़रीबन 1200 किलो अखरोट उगते हैं। इसके साथ-साथ वह कश्मीरी चावल, हिमालयन लहसुन, कश्मीरी लौकी, राजमा और सेब की भी खेती करते हैं।
- अखरोट की गिरी वह 1250 रुपये किलो में बेचते है, वहीं इसके 100 ग्राम तेल की कीमत 300 रुपये है।
- घर पर ही तेल, सन ड्राई एप्पल और कहुआ आदि बनाने का काम करते हैं। जिसे वह 10 से 15 प्रतिशत की मार्जिन के साथ बेचते हैं। वहीं कुछ kashmiri products, वह दूसरे किसानों से भी बनवाकर लेते हैं। जासीफ़ ने बताया कि फ़िलहाल बादाम तेल और सन ड्राई एप्पल की सबसे अधिक डिमांड है।
- पिछले छह महीनों में, Kashmiri Products Store ने 10 लाख का टर्नओवर कमाया हैं। जासीफ़ इन दिनों अपने स्टोर की वेबसाइट बनाने के काम में जुटे हैं।
23677. दिल्ली के प्रदूषण का इस घर पर नहीं पड़ता कोई असर, तीन दशकों में बनाए हजारों बोनसाई पेड़
- आज बोनसाई पेड़ों का चलन काफी बढ़ गया है। बोनसाई पौधों को लोग गुडलक मानते हैं। अब तो शादी, जन्मदिन या फिर सालगिरह जैसे अवसरों पर गिफ्ट के रूप में भी बोनसाई पौधा दिया जाने लगा है। इस वजह से इस क्षेत्र में रोजगार की भी काफी संभावनाएं बनी हैं।
- दिल्ली में रहने वाले सौमिक दास की। सौमिक ने 2019 में ‘ग्रो ग्रीन बोनसाई’ नाम से अपनी एक कंपनी की शुरुआत की। इसके साथ ही, वह वैशाली स्थित एक बारकोड मैन्यूफैक्चरिंग फर्म में प्रोपराइटर के रूप में काम करते हैं। इस काम से 30 से 35 लाख रुपये का टर्नओवर भी हासिल कर रहे हैं।
- उनके पास न सिर्फ बोनसाई और पेनजिंग (Penjing) के 2000 से अधिक पौधे हैं, बल्कि उन्होंने 300 से अधिक लोगों को बोनसाई बनाने की ट्रेनिंग भी दी है। बोनसाई यानी गमले में पेड़ लगाने की कला जापान की देन है। फिर, उसी कला को और सुंदर बनाने के लिए चीन में पेनजिंग (Penjing) तकनीक की शुरुआत हुई। इस तकनीक में बोनसाई पेड़ों को पहाड़, नदी, पत्थर, घास जैसे प्राकृतिक दृश्यों के साथ एक ट्रे में लगाया जाता है। इसका अर्थ है कि आप जिन प्राकृतिक नजारों को बड़े रूप में देख रहे हैं, उसका एक छोटा सा रूप पेनजिंग है।
23678. कभी कॉलेज नहीं गया यह युवक, पर बना दिए 35 तरह के Farming Tools, विदेशों तक है मांग
- वह कहते हैं न, आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है। ऐसा ही कुछ गुजरात के हिरेन पांचाल (Hiren Panchal) के साथ भी हुआ। मूल रूप से गुजरात के राजपीपला शहर के रहने वाले हिरेन पंचाल धरमपुर में रहकर खेती और बागवानी से जुड़े कई तरह के टूल्स (Farming Tools) बना रहे हैं।
- हिरेन ने खेती और बागवानी के काम को आसान बनाने के लिए तक़रीबन 35 तरह के छोटे-छोटे हैंडटूल्स बनाए हैं। केवल तीन साल में उनके बनाए उपकरण इतने लोकप्रिय हो गए कि देश ही नहीं, विदेश से भी लोग उनके टूल्स (Farming Tools) मंगवा रहे हैं।
- हिरेन ने अपने सभी आविष्कार, युवाओं और पिछड़े किसानों को ध्यान में रखकर ही किये थे। वहीं अब उन्हें अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों से भी ऑर्डर्स मिल रहे हैं।
23679. अगले 5 वर्षों में प्लास्टिक उद्योग के कुल कारोबार को 10 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य: पीयूष गोयल
- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, कपड़ा और उपभोक्ता कार्य व खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल देश में प्लास्टिक उद्योग के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने इस क्षेत्र के प्रदर्शन और क्षमता को बेहतर करने के लिए उद्योग के हितधारकों के विचारों और सुझावों को भी सुना।
- केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्लास्टिक उद्योग देश में रोजगार का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। इसलिए उसे अगले पांच साल के दौरान अपने कुल कारोबार में अपेक्षित वृद्धि के साथ-साथ अब रोजगार को भी दोगुना करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
- बीआईएस प्लास्टिक सामग्री की हर संभव बेहतरीन जांच सुनिश्चित करने के लिए जहां भी आवश्यक होगा वहां प्रयोगशालाएं स्थापित करेगा।
23680. India dispatches Covishield vaccines to Bahrain, Sri Lanka
- A consignment of 50,400 doses of coronavirus vaccines will be provided by India to Sri Lanka under the Vaccine Maitri initiative, while Bahrain will receive get 10,800 doses.
- After providing coronavirus vaccines to several countries including Bangladesh, Nepal and Maldives,
- India on established its position as a reliable partner in COVID-19 assistance by dispatching Covishield vaccines to Bahrain and Sri Lanka.
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