| Jan 01, 1970 | Daily Report |
| RISING BHARAT | News Count (102263) | |
22791. Tricolour unfurled atop Ghanta Ghar after 30 years
FOCUS on JAMMU KASHMIR, LADAKH
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Developments in Jammu and Kashmir/Ladakh-
English
Jammu and Kashmir
Greater Kashmir
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- For the first time after 30 years, Tricolour was unfurled atop the Ghanta Ghar (Clock Tower) in city-centre Lal Chowk amid tight security.
- To commemorate Republic Day, an NGO organised flag-hoisting ceremony at Lal Chowk on Wednesday afternoon.
- It was in 1992 that senior BJP leader Murli Manohar Joshi & Current PM Narendra Modi had hoisted the tricolour at Lal Chowk at the peak of militancy in Kashmir.
22792. किसानों की मदद के लिए IITians का आविष्कार, जानवरों के घुसते ही सायरन बजाएगा यह डिवाइस
Innovation and startups, ISRO/Defense/Water infrastructure/EV and other sectors
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Innovations in Bharat
Hindi
West Bengal
The Better India
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- 1. IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करनेवाले अजित कुमार और सागर कुमार, कहलगाँव में ‘Stepupify Labs’ के नाम से अपना एक स्टार्टअप चला रहे हैं और इसके तहत उन्होंने किसानों की मदद के लिए ‘Farm Surveillance-Cum-Animal Scare’ डिवाइस बनाया है।
- 2. यह डिवाइस आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर काम करता है। इसमें दिन और रात, दोनों समय काम करने वाला कैमरा लगा हुआ है।
- 3. यह डिवाइस बैटरी से चलती है और इसमें 12 वोल्ट की बैटरी लगी है, जिसे चार्ज किया जा सकता है।
- 4. ट्रायल में 100% तक सफलता मिलने के बाद ही इसे लॉन्च किया गया है। फिलहाल, हमें लगभग 20 किसानों से पायलट प्रोजेक्ट के लिए ‘प्री-ऑर्डर’ मिले हैं।
22793. शहरी जीवन छोड़ पहाड़ों में बनाई टिकाऊ इमारत, 100 सालों तक चलेगा यह फार्मस्टे
Innovation and startups, ISRO/Defense/Water infrastructure/EV and other sectors
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Innovations in Bharat
Hindi
Uttarakhand
The Better India
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- 1. दिल्ली के रहनेवाले अनिल चेरुकुपल्ली और उनकी पत्नी अदिति ने शहरी जीवन छोड़, पहाड़ों में एक ऐसा फार्मस्टे बनाया, जिसकी उम्र 100 सालों से भी अधिक है। इसे बनाने में न पेड़ों को काटा गया है और न ही पहाड़ों को। इस Fagunia Farmstayघर को बनाने में करीब 2 साल लगे।
- 2. इस स्वदेशी आर्किटेक्चरल स्टाइल में दीवारों और छत को बनाने के लिए हिमालयी लैंडस्केप के स्थानीय संसाधनों, जैसे- पत्थर और लकड़ी का इस्तेमाल होता है। नींव के काम के लिए सीमेंट का एक छोटा सा हिस्सा प्राइमरी बॉन्डिंग मटेरियल के रूप में इस्तेमाल किया गया था।
- 3. बाथरूम के लिए एक सेंट्रलाइज़्ड सोलर वॉटर हीटर के साथ, सौर ऊर्जा बैकअप इन्वर्टर सिस्टम भी लगाया है, जो प्रतिदिन 5-8 यूनिट ऊर्जा उत्पन्न करता है।
22794. अब एआइ की मदद से अंधेरे में सिर्फ हुलिया देख हो जाएगी अपराधी की पहचान
Innovation and startups, ISRO/Defense/Water infrastructure/EV and other sectors
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Innovations in Bharat
Hindi
India
Dainik Jagran
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- 1. Artificial Intelligence (AI) की मदद से शारीरिक बनावट के आधार पर अंधेरे में भी अपराधियों की पहचान की जा सकेगी। अभी तक जो अपराधी वेष बदलकर या मुंह ढककर बच निकलते थे, उनकी पहचान की जा सकेगी।
- 2. नोएडा की विज्ञानी डा. शिवानी वर्मा एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कर रही हैं जिसमें अगर किसी घटना की फोटो या वीडियो डाली जाए तो घटना में शामिल उस व्यक्ति की पहचान हो सकेगी जिसका ब्योरा आपराधिक रिकार्ड में दर्ज है।
- 3. यह सॉफ्टवेयर पुलिस और सुरक्षा से जुड़ी सभी संस्थाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के लिए अपराधी की पहचान करना न केवल आसान होगा, बल्कि इसके जरिये वह अपराधियों को ट्रैक कर उन तक पहुंच भी सकेंगे।
- 4. इसका उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा अपराधियों को पकड़ा जा सके। वह इस सॉफ्टवेयर को इस तरह तैयार कर रही हैं ताकि इसे स्थापित करने में ज्यादा खर्च न आए और सामान्य कंप्यूटर में इसे इंस्टाल कर आसानी से प्रयोग किया जा सके। फिलहाल इसका माडल तैयार कर लिया गया है। (Jagran 21, June 2021) News Link
22795. Positive India: वैक्सीन, रक्त को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने को सुरक्षित करेगा 'एम्बिटैग'
Innovation and startups, ISRO/Defense/Water infrastructure/EV and other sectors
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Innovations in Bharat
Hindi
Punjab
Dainik Jagran
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- 1. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़ (आईआईटी रोपड़) ने अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक आईओटी डिवाइस- एम्बिटैग का विकास किया है।
- 2. यह डिवाइस खराब होने वाले उत्पादों, वैक्सीन और यहां तक कि शरीर के अंगों व रक्त को ले जाने के दौरान उनके आसपास का रियल टाइम तापमान दर्ज करती है।
- 3. दर्ज किए गए इस तापमान से यह जानने में सहायता मिलती है कि दुनिया में कहीं भी भेजा गया कोई सामान तापमान में अंतर के कारण अभी तक उपयोग के योग्य है या खराब हो गया है।
- 4. कोविड-19 वैक्सीन, अंगों और रक्त के परिवहन सहित वैक्सीन के लिए यह जानकारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
22796. दाह-संस्कार के लिए बनाया चलता-फिरता और इको-फ्रेंडली शवदाह गृह
Innovation and startups, ISRO/Defense/Water infrastructure/EV and other sectors
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Innovations in Bharat
Hindi
Punjab
The Better India
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- 1. नोबल कॉज’, एक कार्ट के आकार का इको-फ्रेंडली शवदाह गृह है, जिसमें पहिए लगे हैं। इसे जरूरत के हिसाब से कहीं भी ले जाया जा सकता है।
- 2. हरजिंदर सिंह ने अब तक ऐसे 10 शवदाह गृह बनाये हैं, जिनमें से एक आईआईटी रोपड़ को दी गयी है और अन्य पटना नगर पालिका और गुरुग्राम नगर पालिका को भेजे गए हैं।
- 3. 72 वर्षीय हरजिंदर सिंह ने दाह-संस्कार के लिए जो शवदाह गृह बनाया है, उसे उन्होंने – ‘Noble Cause’ नाम दिया। इसके लिए उन्हें तकनीकी सहायता आईआईटी रोपड़ से मिली
22797. यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर सौर ऊर्जा से चलता है, और यह घर का बना है
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Innovations in Bharat
Hindi
Gujarat
Cartoq
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- 1. गुजरात के किसान ने अपने घर पर इस ट्रैक्टर को बनाने के लिए एक स्थानीय बॉडीवर्क की दुकान और बिजली के सर्किट के अपने ज्ञान का इस्तेमाल किया।
- 2. इस ट्रैक्टर की कुल लागत 1.75 लाख रुपये है और यह 1 टन तक वजन उठा सकता है, जो काफी है। ट्रैक्टर की छत पर सोलर पैनल लगा होता है, जिससे ट्रैक्टर की बैटरी चार्ज होती है
- 3. किसान द्वारा की गई गणना के अनुसार, वह प्रति वर्ष लगभग 1 लाख रुपये बचा पाएगा जो वह डीजल पर खर्च करता है
- 4. ट्रैक्टर में डिसइंफेक्टेंट स्प्रे और ट्राली जोड़ने की योजना है ताकि आगे भी इसका इस्तेमाल किया जा सके। वर्तमान में, इस छोटे इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर के मालिक इसका उपयोग दूध पहुंचाने, खेती के छोटे काम करने, मवेशियों को चारा देने आदि के लिए करते हैं।
22798. किसान की तकनीक ने सहेजी GI Tagged Etikoppaka Toys बनाने की कला, बचाया 160 परिवारों का रोजगार
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Innovations in Bharat
Hindi
Andhra Pradesh
The Better India
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- 1. सीवी राजू ने कई प्रयोग करके पेड़-पौधों से मिलने वाले प्राकृतिक रंग को सहेजने की तकनीक बनाई, ताकि लकड़ी के खिलौने बनाने की GI Tagged Etikoppaka Toys की सैकड़ों सालों पुरानी कला को सहेजा जा सके
- 2. एटिकोप्पका गाँव के 160 कारीगर परिवारों को राजू के प्रयासों के कारण आज अच्छा रोजगार मिल रहा है। प्राकृतिक डाई की तकनीक बनाने के साथ-साथ राजू ने खिलौनों के लिए भी कई इनोवेटिव डिज़ाइन बनाए हैं।
- 3. पिछले कुछ सालों से वह अपने कारीगरों से ‘लर्निंग टॉयज’ बनवा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल प्राथमिक शिक्षा में हो रहा है।
- 4. साल 1993 से 2007 तक उन्होंने दूसरे देशों में भी ये खिलौने एक्सपोर्ट किए । साल 2017 में ‘एटिकोप्पका’ खिलौनों को GI Tag भी मिल चुका है (GI Tagged Etikoppaka Toys)।
22799. Hyderabad Students Convert Discarded Bike Into Low-Cost EV With Wireless Charging
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Innovations in Bharat
English
Andhra Pradesh
The Better India
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- 1. Charan Sai, a student of K L University, Hyderabad has made a low-cost electric bike using a discarded one, that works on wireless charging.
- 2. The bike takes five hours to fully charge and gives a mileage of 90 kilometres. It has a top speed of 55 km/hr which the team hopes to increase to 60 – 70kms/hr.
- 3. The system is powered by a 24 ampere (Ah) lithium-ion battery which offers 48 Volts of power. It works on grid power and is equipped to charge solar energy. It can be switched depending on the weather conditions.
- 4. While the price of retrofitting will vary for different bike models, currently it is estimated at a base price of Rs 35,000
22800. Robust, mobile OxyJani can cater to acute & chronic oxygen needs at grassroots level
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Innovations in Bharat
English
India
Press Information Bureau
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- 1. Indian researchers have designed a robust, mobile group oxygen concentrator that can be used in rural settings and also be rapidly deployed in emergencies in any location.
- 2. OxyJani is based on the principles of Pressure Swing Adsorption (PSA) technology. The team replaced lithium zeolites (LiX) which is usually used in oxygen concentrators, with sodium zeolites which does not generate toxic solid waste and can be manufactured in India.
- 3. The concentrator is modular and capable of delivering a range of solutions, conversion of medical air to medical oxygen, and is an entirely off-grid solution including all modules that can facilitate deployment in rural areas.
- 4. Moreover, the waste from the 13X zeolite plant can be potentially a good agricultural input material.