| Jan 01, 1970 | Daily Report |
| RISING BHARAT | News Count (102436) | |
23761. India in advanced stage of negotiations with Philippines for export of BrahMos missiles
- The Philippines could emerge as the maiden buyer of BrahMos supersonic missile systems, jointly produced by India and Russia, amid China's aggressive territorial claims in the South China Sea region.
- Both sides are in an advanced stage of negotiations and Manila has set aside a budget for the purchase of the missiles, ET has learnt. The pandemic had hit the Philippines exchequer delaying its order for the BrahMos missiles, Manila-based sources said.
- India extended a $100-million defence-related LoC to Manila. The Philippines, a US ally for decades, has been keen to diversify sources of its defence hardware including from India. In 2018, a bilateral Memorandum of Understanding (MOU) on Defence and Logistics was signed.
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23762. Indian startups clock $9.5 billion via exits, among its largest ever
- Exits, partial or full, by existing investors of startups through initial public offerings (IPOs), mergers and acquisitions (M&As) and secondary share sales jumped nearly eight times this year up to December 10 from just $1.2 billion, or about Rs 8,900 crore, in 2020, according to data from Venture Intelligence, which tracks startup deals data.
- This is the highest amount of exits Indian startups have been able to give investors in recent years barring 2018 when the Walmart-Flipkart deal happened.
- The exit number for 2019 was $2.9 billion across 82 deals while the same in 2017 was $2.4 billion through 88 deals. In 2018, $14.8 billion worth of exits happened across 113 deals.
23763. श्री स्वामिनारायण मंदिर, वड़ताल में 711 दिव्यांगों को लगाए गए कृत्रिम अंग
- गुजरात के वड़ताल स्थित श्री स्वामिनारायण मंदिर के तत्वावधान में विश्व में पहली बार एक साथ और एक दिन में 711 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग लगाए गए। इन अंगों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये सामान्य अंगों की तरह मुड़ते हैं। यानी किसी दिव्यांग को यह अनुभव नहीं होता है कि उसके शरीर में लगा अंग कृत्रिम है।
- अपने हाथ या पैर गंवा चुके 711 दिव्यांगों को नि:शुल्क कृत्रिम हाथ—पैर लगाए गए। इन सभी को पांच घंटे 12 मिनट में अंग लगा दिए गए, जो एक कीर्तिमान है। विश्व में इतने लोगों को एक दिन में कृत्रिम अंग लगाने की यह पहली घटना है। इससे पहले का यह कीर्तिमान 260 लोगों को आठ घंटे में अंग लगाने का था।
- कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 180 डॉक्टर, 50 नर्स और वड़ताल संस्थान से जुड़े 500 स्वयंसेवकों ने 31 अलग—अलग समिति बनाकर सेवाएं दीं।
23764. आधा लीटर की बोतल में बोरी का असर, इफको ने लांच किया नेनो यूरिया, अब खाद का बैग खरीदने की जरूरत नहीं
- इफ्को कंपनी ने अब नेनो यूरिया लांच किया है। खाद की 45 किलों की एक बोरी का काम सिर्फ 500 एमएल की एक बोतल से हो जाएगा। यह बोतल किसानों को 240 रुपए में उपलब्ध हो जाएगी, जबकि यूरिया की एक बोरी 270 रुपए के आसपास मिलती है।
- नेनो यूरिया बोरियों में मिलने वाले यूरिया के मुकाबले ज्यादा प्रभावी है। नेनो तकनीक आधारित इस उर्वरक का विकास स्वदेशी तरीके से किया गया है। विश्व में पहली बारे इसे प्रोप्राइटरी पेटेंट टेक्नोलॉजी के माध्यम से इफको बायो टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर एनबीआरसी कलोल गुजरात में बनाया गया है।
- नेनो यूरिया का प्रयोग सामान्य तौर पर जिस समय फसल में यूरिया दिया जाता है, उसी समय किया जा सकता है। जितने क्षेत्र मेें एक बैग यूरिया का उपयोग करते हैं, उतने क्षेत्र में एक बोतल नेनो यूरिया का उपयोग करें। नेनो यूरिया की 2.4 मिलि. मात्रा एक लीटर पानी में घोलकर फसल की प्रारंभिक अवस्थाओं पर नत्रजन की आवश्यकता अनुसार छिड़काव करें।
23765. पढ़ाई छोड़कर मजबूरी में बने थे किसान, मिर्ची की खेती ने बना दिया करोड़पति
- गुरबीर सिंह ने अपनी ढाई एकड़ की पुश्तैनी जमीन पर कभी मजबूरी में खेती शुरू की थी। आज दो दशक बाद, खेती करना (Chilly Farming) उनके लिए जूनून बन गया है। और अब वह हाइब्रिड मिर्च उगाकर (Chilly Farming) करोड़ों रुपये कमा रहे हैं।
- गुरबीर ने फूलगोभी, गोभी, टमाटर और अन्य सब्जियों को उगाने की अपनी पारंपरिक खेती के तरीकों के साथ-साथ, किसानों को बीज और पौधे बेचने के लिए गोबिनपुरा नर्सरी की भी स्थापना की है।
- गांव के युवाओं से अपील करते हुए गुरबीर कहते हैं, “कितने युवा हैं, जो अपनी पारंपरिक खेती की परंपरा को छोड़, बेहतर नौकरी और आमदनी की तलाश में शहरों की तरफ भाग रहे हैं। खेती ही है, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था को संभालकर रखा हुआ है। हमें खेती से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए।”
23766. कैसे कंपनियों को जल्द हायरिंग पूरा करने में मदद कर रहा है बेंगलुरु का स्टार्टअप Repyute
- दीपक धर और संदेश चिदानंद द्वारा स्थापित, Repute नियोक्ताओं को पृष्ठभूमि सत्यापन यानी बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और अन्य टैलेंट मैनेजमेंट सेवाएं प्रदान करने के लिए HRMS प्लेटफार्मों के साथ काम करता है।
- कंपनी Reput.net के साथ डेढ़ साल से अधिक समय से काम कर रही है, और इसे 10,000 ग्राहकों तक पहुंचाने की योजना है। GreytHR के करीब 50 प्रतिशत ग्राहक आईटी और ITeS स्पेस में हैं, जहां टैलेंट मैनेजमेंट और भी महत्वपूर्ण है।
- जैसे-जैसे इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी और अन्य कुशल क्षेत्रों में शीर्ष प्रतिभाओं को नियुक्त करने की होड़ तेज होती जा रही है, यह कंपनियों को तेजी से काम पर रखने यानी हायरिंग में भी मदद कर रहा है। और हायरिंग प्रक्रिया में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसके लिए अधिक समय की आवश्यकता होती है।
23767. रिटेल इन्वेस्टर्स को इक्विटी में ट्रेड करने में मदद कर रहा है यह फिनटेक स्टार्टअप
- जुलाई 2021 शुरू हुआ मोहित भंडारी और गौरव सांगले द्वारा स्थापित मुंबई स्थित स्टार्टअप Stratzy खुदरा निवेशकों के लिए ईज़ी-टू-एग्जीक्यूट स्टॉक ट्रेडिंग स्ट्रेटैजी प्रदान करता है। वर्तमान में इसके प्लेटफॉर्म पर 10,000 से अधिक यूजर्स हैं।
- Stratzy विभिन्न प्रकार की ट्रेडिंग रणनीतियाँ प्रदान करता है, और इनमें से प्रत्येक रणनीति में विविध पोर्टफोलियो सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न शेयरों का मेल होता है। भारतीय ब्रोकरेज बाजार 2016 से 7.69 प्रतिशत की CAGR से बढ़ रहा है, तब इसका मूल्य 13,500 करोड़ रुपये था। उद्योग ने COVID-19 संकट के दौरान भी तेजी से वृद्धि देखी, जब रिटेल निवेशकों साधनों में निवेश करने के लिए ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म का सहारा लिया।
- स्टार्टअप का राजस्व उन रणनीतियों पर निर्भर करता है जो लोगों को ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म पर निष्पादित करने में मदद करती हैं और यह ज्यादातर कमीशन में 50 प्रतिशत से 90 प्रतिशत के बीच रहता है। ऐप का एक प्रीमियम संस्करण भी है जहां यह उभरते एचएनआई और 2 लाख रुपये से अधिक की राशि वाले लोगों के लिए आइडिया बेचता है।
23768. सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी छोड़ उगाने लगे ऑर्गेनिक सब्जियाँ, हो रही है लाखों की कमाई
- एक ओर जहां स्नातक की पढ़ाई खत्म करने के बाद संदीप के अन्य दोस्त सरकारी नौकरी की तलाश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की तरह रुख कर रहे थे तभी संदीप ने तय कर लिया था कि वे अपने भविष्य के लिए कुछ अलग और नया करेंगे। आज संदीप हाइड्रोपोनिक तकनीक के जरिये से खेती के जरिये ऑर्गेनिक सब्जियाँ उगा कर लाखों की कमाई भी कर रहे हैं।
- सब्जियाँ उगाने के लिए जिस हाइड्रोपोनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हैं उसमें मिट्टी की आवश्यकता नहीं पड़ती है। आज अपने फार्म के जरिये संदीप तरह-तरह की हरी ऑर्गेनिक सब्जियाँ उगा रहे हैं जिसमें लेट्युस, पालक और ब्रोकली आदि शामिल हैं।
- आज संदीप हर महीने करीब 50 हज़ार से अधिक की सब्जियाँ बेच पा रहे हैं। इसी के साथ संदीप का अनुमान है कि आने वाले कुछ महीनों में ही उनकी सब्जियों का निर्यात हर महीने 2 लाख रुपये तक पहुँच जाएगा।
23769. [Startup Bharat] These Patna-based entrepreneurs are empowering retailers and consumers with last-mile ecommerce
- Patna-based Flyseas is a B2B-B2C-D2C online marketplace for multi-brands and multi-products that claims to bring the best prices and hassle-free shopping for businesses as well as consumers in ‘Bharat’.
- Twenty-four-year-old Manish Kumar, who grew up in Bihar, realised that both retailers as well as consumers in the state do not get the same experience when it comes to logistics, prices, ease of business, and tech as compared to metro cities.
- With a team of 25 members that include delivery riders as well, the startup is doing about 100 orders a day in Muzaffarpur and Patna, and is looking to expand to other cities in Bihar, Jharkhand, and Uttar Pradesh in FY22, and increase the order number ten times, says Manish.
23770. Made-in-India brands that are on a mission to control pollution
- National Pollution Control Day is observed on Dec 2 every year to spread awareness about rising levels of pollution and practices to curb the same. In this story, SMBStory lists five companies who are on a mission to control rising levels of pollution.
- With the aim to make the world more sustainable and eco-friendly, Shreyans and Ramesh started Greensole in 2015 with a capital of Rs 10 lakh to recycle old pair of shoes for corporates. The brand also made a retail presence in 2019 by launching a vegan footwear range.
- According to a Central Pollution Control Board (CPCB) report from 2012, India generates 15,000 tonnes of plastic a day of which 40 percent remains uncollected. This trashed-but-not-collected plastic waste adds up to land and water pollution, posing a serious threat to the environment.